Chandra Grahan 2020: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज रात को लगकर पूरा हुआ। राजधानी दिल्‍ली सहित उत्‍तर प्रदेश में इस ग्रहण को लेकर खास तैयारियां थीं। नई दिल्‍ली में यह ग्रहण रात 10 बजकर 39 मिनट पर लगा। यह रात 12 बजकर 39 मिनट पर यह चरम पर था। इसके बाद रात 2 बजकर 40 मिनट पर यानी 11 जनवरी शनिवार को यह समाप्‍त हुआ। इस ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 1 मिनट 47 सेकंड की थी।

यूपी के संगम में ग्रहण के बाद स्‍नान, उमड़े श्रद्धालु

उत्‍तर प्रदेश के प्रयागराज में इन दिनों वार्षिक माघ मेला चल रहा है। यह संगम के गंगा घाट पर आयोजित किया जाने वाला एक बड़ा धार्मिक कार्यक्रम है। शुक्रवार को पौष पूर्णिमा पर यहां बड़ी संख्‍या में धर्मालु आए। ये लोग यहां ठंड के बावजूद गंगा में पर्व स्‍नान करते रहे। अनुमान है कि करीब 40 लाख लोग संगम में गंगा स्‍नान के लिए आए हैं। ऐसे में चंद्र ग्रहण भी लग गया। ग्रहण के चलते स्‍नान करने वालों की संख्‍या बढ़ सकती थी। शासन ने इसके चलते अपने स्‍तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।

पिछले साल भी गुरु पूर्णिमा पर लगा था चंद्रग्रहण

2019 में भी चंद्र ग्रहण के समय गुरु पूर्णिमा थी। यह ग्रहण 17 जुलाई की रात को लगा था। इस ग्रहण में खास यह था कि यह 149 साल बाद विशेष संयोग में था। इसमें ग्रहों की दृष्टि 149 साल पहले की तरह ही शनि, केतु और चंद्र धनु राशि में बैठे थे। राहु, सूर्य और शुक्र मिथुन राशि में बैठे थे। एशियाई देशों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, सिंगापुर, फिलिपींस, मलेशिया और इंडोनेशिया के साथ ईरान, इराक, तुर्की और सऊदी अरब में भी इसे देखा गया।

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ऐसे होती है यह खगोलीय घटना

चंद्रमा पृथ्‍वी का उपग्रह है। यह सूर्य से रोशनी प्राप्‍त करता है। अपनी अंडाकार धुरी पर यह एक महीने में पृथ्‍वी का एक चक्‍कर काट लेता है। पृथ्‍वी और चंद्रमा की धुरियां एक दूसरे पर 5 डिग्री का कोण बनाती हैं और दो जगहों पर काटती हैं। ये स्‍थान ग्रंथि कहलाते हैं। चांद और पृथ्‍वी परिक्रमा करते हुए सूर्य की सीधी रेखा में नहीं आते हैं, यही वजह है कि पृथ्‍वी की छाया चंद्रमा पर नहीं पड़ती। लेकिन पूर्णिमा की रात में परिक्रमा करता हुआ चंद्रमा जब पृथ्‍वी की कक्षा के पास आ जाता है और पृथ्‍वी की अवस्‍था सूर्य व चंद्रमा के बीच एक सीध में होती है। इससे पृथ्‍वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने लगती है। इसी को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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