मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। चंद्रयान-2 ने चांद की सतह की तस्‍वीर भेजी है। यह चांद की सतह से 2650 किमी की ऊंचाई से ली गई है। यान के विक्रम लैंडर ने 21 अगस्‍त को यह तस्‍वीर इसरो को भेजी।

इसमें चांद की सतह पर बने क्रेटर्स यानी गड्ढे साफ देखे जा सकते हैं। अभी बीते मंगलवार को ही चंद्रयान-2 ने सफलतापूर्वक चांद की कक्षा में प्रवेश कर लिया।

चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी-मार्क 3 की मदद से प्रक्षेपित किया गया था। चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं- ऑर्बिटर, लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान'। ऑर्बिटर करीब सालभर चांद की परिक्रमा करते हुए प्रयोगों को अंजाम देगा। वहीं लैंडर और रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे।

लैंडिंग के साथ ही भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा। अब तक अमेरिका, रूस और चीन अपना यान चांद पर उतार चुके हैं।

चंद्रयान-2 के लैंडर-रोवर चांद के जिस हिस्से पर उतरेंगे, वहां अब तक कोई यान नहीं पहुंचा है। 2008 में भारत ने आर्बिटर मिशन चंद्रयान-1 भेजा था।

यान ने करीब 10 महीने चांद की परिक्रमा करते हुए प्रयोगों को अंजाम दिया था। चांद पर पानी की खोज का श्रेय भारत के इसी अभियान को जाता है।

Posted By: Navodit Saktawat

fantasy cricket
fantasy cricket