चंद्रशेखर वर्मा, नोएडा। सोमवार को पूरी दुनिया की नजर भारत पर टिकी होगी, जब दोपहर 2.43 बजे चंद्रयान रवाना होगा। इस बीच एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक एमएस प्रसाद ने बड़ी बात कही है। उनके मुताबिक, चंद्रयान-2 चांद की सतह पर उतरने में कामयाब रहता है तो भविष्य में किसी धूमकेतु पर लैंडर उतारने की जमीन तैयार कर सकती है।

बता दें, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अभियान चंद्रयान-2 का लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। कामयाबी मिलती है तो दक्षिणी ध्रुव पर रोवर उतारने वाला भारत पहला देश होगा। यहां से चंद्रमा के भूमध्य रेखा की दूरी करीब 600 किमी होगी।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के पूर्व निदेशक रहे प्रसाद का कहना है कि भारत की इस कायमाबी का फायदा पूरी दुनिया को मिलेगा। प्रज्ञान रोवर दक्षिणी ध्रुव पर पानी, बर्फ और सूर्य की रोशनी की खोज करेगा। दक्षिणी ध्रुव पर सूर्य की रोशनी अधिक होती है। इससे वहां जीवन की संभावनाओं की तलाश हो सकेगी। ये तीनों तत्व अगर वहां मौजूद हैं, तो जीव आसानी से जीवित रह सकते हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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