मल्टीमीडिया डेस्क। भारत इतिहास रचने से चंद कदम दूर है जब चंद्रयान-2 की चंदमा पर लैंडिंग होगी। चंद्रयान-2 ने 22 जुलाई को उड़ान भरी थी। इस 48 दिनों के दौरान चंद्रयान-2 ने मिशन की 15 बड़ी बाधाओं को सफलतापूर्वक पार किया। अब सॉफ्ट लैडिंग का अंतिम काम बचा है। जानिए इन 48 दिनों में कब क्या-क्या हुआ -

15 जुलाई 2019 : इसको ने पहले चंद्रयान-2 को लांच करने की तारीख 15 जुलाई 2019 तय की थी। इसे रात में 2:51 बजे लांच होना था, लेकिन लांचिंग से 56 मिनट पहले रॉकेट में कुछ गड़बड़ी आने के कारण अभियान को रोक दिया गया। लांचिंग की नई तारीख 22 जुलाई तय की गई।

22 जुलाई 2019 : चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को श्रीहरिकोटा स्थित विक्रम साराभाई स्पेस एंड रिसर्च संस्थान (इसरो) से दोपहर 2:43 बजे सफलतापूर्वक लांच किया गया गया। प्रक्षेपण के ठीक 16 मिनट बाद यान को सुरक्षित तरीके से पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया गया। इसके बाद यान ने रॉकेट से अलग होकर चंद्रमा की तरफ अपना सफर शुरू कर दिया।

27 जुलाई 2019: अंतरिक्ष यान पर लगे प्रणोदन प्रणाली के जरिए गुरुवार-शुक्रवार की रात एक बजकर आठ मिनट पर दूसरी बार उपग्रह की कक्षा को बदलते हुए उसे सफलतापूर्वक पृथ्वी की अगली कक्षा में प्रवेश कराया गया। चंद्रयान-2 पृथ्वी की कक्षा में 251 गुणा 54,823 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा।

30 जुलाई 2019: चंद्रयान-2 की सभी गतिविधियां सामान्य। इसे पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक और ऊंचाई पर पहुंचा दिया गया। यह चंद्रयान की कक्षा में तीसरा बदलाव है।

06 अगस्त 2019: चंद्रयान-2 की कक्षा में पांचवीं बार बदलाव किया गया। ISRO ने दोपहर तीन बजकर चार मिनट पर चंद्रयान-2 की कक्षा को बढ़ाया। यान अभी पृथ्वी की कक्षा में घूम रहा है।

14 अगस्त 2019: चंद्रयान ने रात 2.21 बजे धरती की कक्षा छोड़ी और लुनार ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी में प्रवेश कर गया। सभी फंक्शन पूरी तरह से काम कर रहे हैं।

19 अगस्त 2019: यान ने धरती पर अपनी बेहतर सेहत और शानदार यात्रा के बारे में संदेश भेजा है। इसरो ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। इसरो ने लिखा, 'हेलो! मैं चंद्रयान-2 हूं, विशेष अपडेट के साथ। मैं आप सबको बताना चाहूंगा कि अब तक का मेरा सफर शानदार रहा है और मैं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सात सितंबर को उतरूंगा। मैं कहां हूं और क्या कर रहा हूं, यह जानने के लिए मेरे साथ जुड़े रहें।'

20 अगस्त 2019: चंद्रयान-2 ने सफलतापूर्वक चांद की कक्षा में प्रवेश कर लिया।

26 अगस्त 2019: चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की सतह पर मौजूद गड्ढों की नई तस्वीरें भेजी हैं। चंद्रमा की सतह पर मौजूद जिन गड्ढों की तस्वीरें ली है उनमें सोमरफेल्ड, किर्कवुड, जैक्सन, मच, कोरोलेव, मित्रा,प्लास्केट, रोज्देस्टेवेन्स्की और हरमिट शामिल हैं।

30 अगस्त 2019: चंद्रयान-2 शुक्रवार को चंद्रमा के और करीब पहुंच गया। सभी उपकरण अच्छी तरह से काम कर रहे हैं।

02 सितंबर 2019: चंद्रयान-2 ने चांद की पांचवी व आखिरी कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया। साथ ही चांद के सफर पर गए इसरो के चंद्रयान से लैंडर विक्रम सफलतापूर्वक अलग हो गया।

03 सितंबर 2019: लैंडर विक्रम की दूरी अब चांद की दूरी 119 किमी रह गई है और उसकी कक्षा से उसकी दूरी 127 किमी है। लैंडर 7 सितंबर की रात चांद पर उतरेगा।

04 सितंबर 2019: बुधवार सुबह एक बार फिर से इसरो ने De-orbiting maneuver किया जिसके बाद ऑर्बिटर से अलग हुआ विक्रम चांद के सबसे निकट पहुंच गया।

Posted By: Neeraj Vyas