श्रीहरिकोटा। चंद्रयान-2 अपने मिशन पर रवाना हो चुका है और अब 14 अगस्त को यह पृथ्वी की कक्षा से पूरी तरह बाहर हो जाएगा और चांद के सफर पर निकल पड़ेगा। इसरो प्रमुख के सिवान ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 14 अगस्ती की सुबह 3.30 बजे चंद्रयान-2 की कक्षा बदली जाएगी।

उन्होंने कहा, हम सुबह 3.30 बजे एक एजेक्ट करेंगे और चंद्रयान अपनी कक्षा बदलकर पृथ्वी की कक्षा से बाहर होगा। इसे ट्रांस लुनार इंजेक्शन कहते हैं। इसके साथ ही चंद्रयान-2 चांद के सफर पर रवाना हो जाएगा।

सिवान ने कहा कि इसके बाद वह चांद की कक्षा में प्रवेश करने की प्रक्रिया से गुजरेगा। इस प्रक्रिया से अगले 8 दिनों में यानि 20 अगस्त को चांद के पास पहुंचेगा। हमारा प्लान चांद के पास भी कक्षाएं बदलने का है। आखिरकार 7 सितंबर को चंद्रयान चांद पर लैंड होगा।

बता दें कि इससे पहले 6 अगस्त को चंद्रयान-2 की कक्षा में पांचवीं बार बदलाव किया गया था। ISRO ने दोपहर तीन बजकर चार मिनट पर चंद्रयान-2 की कक्षा को बढ़ाया।

22 जुलाई को हुआ था प्रक्षेपित

ISRO ने 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-2 को प्रक्षेपित किया था। यह प्रक्षेपण इसरो के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी-मार्क 3 की मदद से किया गया था। इस यान में तीन हिस्से हैं - ऑर्बिटर, लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान'।