Char Dham Yatra 2022 health Updates: चार धाम यात्रा को लेकर इस बार यात्रियों में जबरदस्त उत्साह है। कोरोना महामारी के कारण दो साल तक यह यात्रा बाधित रही थी। ताजा खबर यह है कि इस बार कुछ यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ शैलजा भट्ट के अनुसार, 'चार धाम यात्रा मार्ग पर अब तक 39 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। मृत्यु का कारण उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्याएं रही है। चिकित्सकीय रूप से अयोग्य (अनफिट) तीर्थयात्रियों को यात्रा न करने की सलाह दी जा रही है।'

Char Dham Yatra 2022 Updates: पहुंच रहे रिकॉर्ड संख्या में यात्री

चारधाम यात्रा के शुरुआती दिनों में ही बीते वर्षों के सारे रिकार्ड ध्वस्त हो गए। 15 मई तक तक चारों धाम में पांच लाख 14 हजार 129 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 1,69,144 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे। जबकि, बदरीनाथ में 1,17,703, गंगोत्री में 1,03,429 और यमुनोत्री में 87,060 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

इस वर्ष तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई। जबकि, छह मई को केदारनाथ और आठ मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए। इस अवधि में चारधाम यात्रा के इतिहास में सर्वाधिक श्रद्धालु दर्शनों को पहुंच चुके हैं। वर्ष 2013 की आपदा के बाद 2014 व 15 में चारधाम यात्रा गति नहीं पकड़ पाई थी। लेकिन, वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते यात्रा पूरी तरह से ठप रही। जबकि, वर्ष 2021 में कोरोना का असर कम होने के बाद आखिरी दो माह सितंबर-अक्टूबर में ही यात्रा हो पाई।

केदारनाथ 27 और यमुनोत्री 31 मई तक पैक

चारधाम के लिए पंजीकरण करने वाली संस्था एथिक्स इन्फोटेक के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रेम अनंत ने बताया कि रविवार शाम सात बजे तक की स्थिति के अनुसार, यमुनोत्री जाने वाले जिन श्रद्धालुओं ने पंजीकरण नहीं कराया है, वे 31 मई के बाद ही धाम में दर्शन कर पाएंगे। जबकि, केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को 27 मई के बाद दर्शनों की तिथि मिल पाएगी।

बिना पंजीकरण ऋषिकेश से आगे यात्रा नहीं कर पाएंगे श्रद्धालु

बिना पंजीकरण चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों पर सरकार ने और सख्ती करनी शुरू कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब बिना पंजीकरण यात्रियों को ऋषिकेश से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इन्हें जिला प्रशासन द्वारा चारधाम यात्रा मार्ग पर बनाई गई चेकपोस्ट से वापस भेज दिया जाएगा।

यमुनोत्री में शुरू हुई प्रीपेड टोकन व्यवस्था

यमुनोत्री धाम में रविवार से डंडी और कंडी की प्रीपेड टोकन व्यवस्था लागू हो गई। पहले दिन जानकी चट्टी से यमुनोत्री धाम के लिए 312 डंडी (पालकी) और 35 कंडी प्रीपेड टोकन के तहत संचालित की गई। घोड़े-खच्चरों के लिए प्रीपेड टोकन व्यवस्था मंगलवार 17 मई से लागू की जाएगी। इस व्यवस्था से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लग सकेगी।

Posted By: Arvind Dubey

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