शाहजहांपुर। Chinmayananda Case: पूर्व मंत्री चिन्‍मयानंद की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तमाम आरोपों के बीच अब उनकी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या सामने आ गई है। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्‍हें लखनऊ रेफर तो किया गया लेकिन उन्‍होंने ही वहां जाने से इंकार कर दिया।

डायरिया होने की शिकायत थी

आयुर्वेदिक इलाज कराने की बात कहते हुए उनके साथ में आए लोग उन्हें वापस मुमुक्षु आश्रम वापस ले गए। डायरिया होने की शिकायत पर चिन्मयानंद को बुधवार शाम करीब छह बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शाम करीब साढ़े चार बजे डॉक्टरों ने आगे के इलाज के लिए उन्हें किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ रेफर कर दिया। मेडिकल कालेज प्रशासन ने औपचारिकताएं पूरी कराकर उन्हें जाने दिया।

दिल के दौरे की संभावना थी

राजकीय मेडिकल कॉलेज के CMSडॉ. एमपी गंगवार ने बताया कि चिन्मयानंद को डायरिया, ब्लड प्रेशर व शुगर असंतुलित होने की शिकायत थी। इलाज के बाद सुधार हो गया। लेकिन ECG के दौरान उनके दिल में दायीं ओर एक पुराना ब्लाकेज सामने आया था। जिससे दिल के दौरे की संभावना थी, इसलिए एहतियात के तौर पर उन्हें केजीएमयू के लिए रेफर किया गया था।

एक दिन बाद ही हटाई निगरानी

13 सितंबर को एसआइटी ने पूछताछ के बाद चिन्मयानंद की निगरानी के लिए पुलिस लगा दी थी। एक दिन बाद ही वहां से पुलिस हटा दी गई। हालांकि उन्हें हिदायत दी गई कि वह शाहजहांपुर छोड़कर कहीं बाहर नहीं जाएंगे। एसपी डॉ. एस चिनप्पा ने बताया कि 13 सितंबर के लिए आश्रम में तैनाती के लिए पुलिस मांगी थी जो दे दी गई थी। उसके बाद एसआइटी खुद अब खुद निगरानी कर रही है।