मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। PM Modi Speech in delhi : आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्‍ली के रामलीला मैदान से विशाल सभा को संबोधित कर रहे हैं। उन्‍होंने CAA को लेकर देश में फैली अराजकता पर स्‍पष्‍ट रूप से कहा सारे विरोध प्रदर्शन देश को गुमराह करने वालों का काम है। नागरिकता की बात चली तो उन्‍होंने उस महिला शरणार्थी का जिक्र किया जिसने हाल ही में अपनी नवजात बच्‍ची का नाम ही 'नागरिकता' रखा है।

नागरिकता संशोधन विधेयक आखिर राज्‍यसभा से भी पास हो गया। पाकिस्‍तान की एक हिंंदू शरणार्थी महिला ने तहे दिल से बिल पास होने की खुशी जताई। उत्‍साह में आकर इस महिला ने अपनी दो दिन की नवजात बच्‍ची का नाम ही 'नागरिकता' रख दिया है। यह महिला एक पाकिस्‍तानी हिंदू शरणार्थी है जो वर्तमान में दिल्‍ली स्थित मजनू का टीला नामक स्‍थान पर रहती है। इस महिला ने आज अपनी दो दिन की बेटी का नाम 'नागरिकता' रखा। महिला ने कहा, "यह मेरी सबसे बड़ी इच्छा थी कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 संसद में पारित हो।" आज संसद में विधेयक पारित हो गया।

नागरिकता संशोधन विधेयक से विपक्षी दलों सहित पूर्वोत्‍तर की अवाम भले नाखुश हो लेकिन एक तबका ऐसा है, जिसके लिए इस बिल की मंजूरी की खबर राहत की सांस बनकर सामने आई है। ये तबका है पाकिस्‍तान से शरणार्थी में रूप में रह रहे उन हिंदुओं का जो बरसों से नागरिकता संशोधन की बाट जो रहे थे। राज्‍यसभा में तो बिल पास हुआ लेकिन इस खेमे में इतनी तसल्‍ली है मानो इन्‍होंने जिंदगी का कोई अहम इम्तिहान पास कर लिया हो। इसी तरह राजस्‍थान में भी इस बिल के राज्‍यसभा में पास होने के बाद हिंदू शरणार्थियों ने जश्‍न मनाया। राज्‍य में जैसलमेर में रह रहे पाकिस्‍तानी हिंदू शरणार्थियों ने अपने रहवासी इलाके में बच्‍चों के साथ मिलकर खुशियां मनाईं।

नागरिकता संशोधन विधेयक राज्‍यसभा से भी पास हो गया है। अब जल्‍द ही यह कानून बन जाएगा। एक तरफ जहां इस बिल का सदन में दिन भर विरोध चला और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में अराजकता सिर उठाए रही, वहीं बुधवार शाम को राज्‍यसभा में वोटिंग हुई। इसके बाद बिल के पक्ष में 125 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े।

एक अनुमान के अनुसार मोटे मोटे तौर पर पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा से सटे राजस्थान प्रांत के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे अन्य जिलों में करीब चार से पांच लाख पाकिस्तानी हिन्दू हैं। वर्ष 1992 93 में हुए धार्मिक उन्माद के बाद पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आये लोगोंं की संख्या में इजाफा हुआ है।

वर्ष 2004 - 2005 में 13500 लोगोंं की नागरिकता दी गयी वही विगत एक दो वर्षों में 6000 से सात हजार लोगों को भी नागरिकता मिली है। इस विधेयक के लागू हो जाने के बाद नागरिकता की आस लगाए बैठे शेष लोगोंं को भी फायदा होगा, साथ ही वोट देने का अधिकार भी मिलेगा।

Posted By: Navodit Saktawat

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