अभिनेता-राजनेता परेश रावल के खिलाफ गुजरात में एक चुनावी रैली के दौरान कथित रूप से बंगालियों के लिए टिप्पणी के साथ कथित हेट स्‍पीच के लिए शुक्रवार को एक शिकायत दर्ज की गई। गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देने के लिए मतदाताओं को लेकर रावल की टिप्पणियों पर विवाद छिड़ गया। गुजरात में दूसरे चरण का मतदान सोमवार को होगा। रावल ने बाद में टिप्पणी के लिए माफी मांगी और स्पष्टीकरण भी दिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि पार्टी ने रावल के खिलाफ गुजरात रैली में कथित रूप से "हेट स्‍पीच" फैलाने के लिए पुलिस शिकायत दर्ज की थी।

शिकायत में कहा गया है, "सार्वजनिक डोमेन पर इस तरह का भाषण दंगों को भड़काने और देश भर में बंगाली समुदाय और अन्य समुदायों के बीच सद्भाव को नष्ट करने और सार्वजनिक शरारत करने के लिए किया गया है। शिकायत दर्ज कराते हुए सलीम ने दावा किया कि परेश रावल की बंगाली विरोधी टिप्पणियों से देश के अन्य प्रांतों के लोगों में बंगाली विरोधी भावना पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे देश में हिंसा भी फैल सकती है। इसके अलावा प्रवासी बंगालियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सलीम ने ऐसी टिप्पणियों के लिए परेश रावल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व सजा की मांग की।

हालांकि परेश ने टिप्पणी के लिए माफी मांगी और कहा कि यह बंगाल के लोगों को आहत करने के लिए नहीं था, बल्कि उनका मतलब अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या प्रवासियों को संदर्भित करना था। मैं बंगाली से स्पष्ट कर दूं कि मेरा मतलब अवैध बांग्लादेशी रोहिंग्या से है। लेकिन फिर भी अगर मैंने आपकी भावनाओं और भावनाओं को ठेस पहुंचाई है तो मैं माफी मांगता हूं।

क्‍या कहा था परेश ने

परेश रावल ने गुजरात के वलसाड में कहा कि गुजरात के लोग महंगाई को बर्दाश्त कर लेंगे लेकिन पड़ोस के बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को नहीं। उन्होंने कहा, गैस सिलेंडर के दाम अभी ज्यादा हैं, लेकिन बाद में कम होंगे। लोगों को रोजगार भी मिलेगा। गुजरात के लोग महंगाई को झेल सकते हैं, लेकिन अगर बगल के घर में रोहिंग्या शरणार्थी या बांग्लादेशी आ जाएं तो गैस सिलेंडर का क्या करेंगे? बंगालियों के लिए मछली पकाएंगे?

हालांकि बयान की काफी आलोचना के बाद उन्होंने बाद में माफी मांग ली और कहा कि मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

Posted By: Navodit Saktawat

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