Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मानहानि के एक मामले में गुरुवार को गुजरात की अदालत में पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया। अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अपने चुनावी भाषण में मोदी उपनाम का उल्लेख किया था, और वह विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र कर रहे थे। इस दौरान किसी विशेष समुदाय या किसी और को बदनाम करने का उनका कोई इरादा नहीं था। राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली में मोदी उपनाम को लेकर टिप्पणी की थी। उसी मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस बारे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपना अंतिम बयान दर्ज कराया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में माफी मांगने से इंकार करते हुए कहा कि 2019 में एक चुनावी रैली के दौरान मोदी उपनाम पर उनकी टिप्पणी, व्यंग के अलावा और कुछ नहीं थी।उन्होंने कहा कि मेरा इरादा किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं था, मैंने सिर्फ चुनाव के दौरान कटाक्ष किया। मुझे इसके बारे में ज्यादा याद नहीं है।

राहुल गांधी का बयान दर्ज करने के बाद मजिस्ट्रेट ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की है। इससे पहले राहुल गांधी अक्टूबर 2019 में अदालत में पेश हुए थे और उन्होंने इस टिप्पणी के लिए खुद को दोषी नहीं माना था। एक हफ्ते पहले सूरत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एएन दवे ने मामले में बयान दर्ज कराने के लिए गांधी को 24 जून को अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया था।

सूरत से भाजपा के विधायक पूर्णेश मोदी ने मोदी उपनाम पर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी को लेकर भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत अप्रैल 2019 में एक शिकायत दर्ज करायी थी। भाजपा विधायक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 2019 में एक चुनावी रैली में यह कहकर पूरे मोदी समुदाय की मानहानि की कि सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे है। 13 अप्रैल 2019 को हुई चुनावी रैली में गांधी ने कथित तौर पर कहा था, नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेन्द्र मोदी इन सभी का एक ही उपनाम मोदी कैसे है... सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे है?

Posted By: Shailendra Kumar