शत्रुघ्न शर्मा, गांधीनगर। गुजरात विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने एक ओर महंगाई व गायों में फैल रहे लंपी रोग के मुद्दे को उठाया वहीं दूसरी ओर चुनावी हित साधने को जाति आधारित जनगणना व ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को उछाला। सदन में हंगामा करने के चलते कांग्रेस के 10 विधायकों को निलंबित किया गया। विधानसभा सत्र के आखरी दिन गुरुवार को सरकार जहां सदन को सुचारु रूप से चलाने का प्रयास करते नजर आई वहीं विपक्ष महंगाई, लंपी रोग जैसे जनता के मुद्दों के साथ अपने चुनावी वायदों को भी रंग देते नजर आया। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने विधायकों के साथ विधानसभा के बाहर प्ले कार्ड लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सदन शुरु होते ही कांग्रेस विधायकों ने महंगाई, ओबीसी आरक्षण तथा जाति आधारित जनगणना की मांग करते हुए वैल में आकर हंगामा शुरु कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ निमाबेन आचार्य ने मेवाणी सहित 10 विधायकों को निलंबित कर दिया।

गुजरात में ओबीसी में शामिल करीब 146 जातियों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। कांग्रेस का आरोप है कि पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण खत्म कर भाजपा सरकार आरक्षण को ही खत्म करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की मांग कर रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य में दलित, आदिवासी व ओबीसी कांग्रेस को कोर वोट बैंक माना जाता है। चुनावी माहौल में कांग्रेस जाति आधारित जनगणना की मांग भी करने लगी है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने राज्य सरकार के खर्च से जाति आधारित जनगणना का ऐलान किया उसके बाद से गुजरात कांग्रेस प्रदेश में इस मुद्दे को उछाल रही है।

बोल बोल किया तो भाजपा में नहीं लेंगे

पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल अपनी हाजिर जवाबी के लिए जाने जाते हैं, सदन में कांग्रेस विधायक प्रताप दुधात व अंबरीश डेर मंत्री अनिल पटेल के जवाब के बीच बीच में टोका टाकी कर रहे थे तो नितिन पटेल ने चुटकी लेते हुए कहा बीच में बोल बोल करोगे तो भाजपा में नहीं लेंगे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के आधा दर्जन विधायकों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाऐं चली जिनमें इन दो विधायकों के नाम भी हैं।

हवा पर भी टैक्स लगा दें

सदन में महंगाई पर चर्चा की मांग करते हुए कांग्रेस विधायक ग्यासुद्दीन शेख ने कहा कि सरकार का बस चले तो हवा पर भी टैक्स लगा दे। वहीं नेता विपक्ष सुखराम राठवा ने कहा कि दूध, छाछ, दही पर भी टैक्स लगाकर सरकार ने आम आदमी का जीवन दूभर कर दिया।

Posted By: Navodit Saktawat

  • Font Size
  • Close