नई दिल्ली। कश्मीर मसले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तल्खी में कोई कमी नहीं आई है। इस बीच चीन का दोहरा रवैया लगातार सामने आ रहा है। हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के बाद चीन ने साझा बयान जारी किया है। इसमें कश्मीर मसले को उठाया गया है। भारत के इस आंतरिक मुद्दे पर चीन का बयान सामने आने के बाद कांग्रेस भड़क गई है। उसने मोदी सरकार से भी चीन से जुड़े मुद्दों को उठाने का कहा है। इस दौरान कांग्रेस ने मोदी सरकार पर भारत के आंतरिक मामलों पर चीन द्वारा की जा रही बयानबाजी को रोकने में नाकाम रहने का भी आरोप लगाया है। चीन के बयान को लेकर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट भी किया है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ' शी जिनपिंग कहते हैं कि वह कश्मीर को देख रहे हैं, लेकिन पीएमओ इंडिया/MEA क्यों नहीं कहता है कि 1) हम हांगकांग में हो रहे प्रो डेमोक्रेसी प्रदर्शन को दबाते देख रहे हैं। 2) हम शिनजियांग में मानव अधिकारों का उल्लंघन होते देख रहे हैं। 3) हम तिब्बत में लगातार उत्पीड़न होते देख रहे हैं। 4) हम दक्षिणी चीन सागर को देख रहे हैं।'

बता दें कि मनीष तिवारी का ट्वीट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस बयान के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने पाक पीएम इमरान खान को कहा है कि वे कश्मीर पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। चीनी राष्ट्रपति का यह बयान उस वक्त सामने आया है जब पीएम मोदी के साथ शुक्रवार को जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात होने जा रही है।

पीओके में बन रहा है चीन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट

भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर जारी तनाव उस वक्त और बढ़ गया था जब भारत ने कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया। पाक ने इसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश की। चीन ने भी इसमें सहयोग किया, लेकिन भारत ने इसे अपना आंतरिक मसला बताते हुए खारिज कर दिया। बता दें कि पीओके भी भारत का ही हिस्सा है। दरअसल, चीन द्वारा अरबों डॉलर खर्च कर वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट के तहत बीजिंग को पाक के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ रहा है। कश्मीर पर विवाद से उसका हित भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में वह पाकिस्तान का लगातार समर्थन कर रहा है।