नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में CAA समर्थक और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच भड़की हिंसा पर चर्चा के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में दिल्ली में हो रही हिंसा को लेकर चर्चा हुई जिसके बाद तय हुआ कि कांग्रेस नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे।

सोनिया गांधी ने बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया और आरोप लगाए की हिंसा के पीछे षडयंत्र रचा जा रहा है। साथ ही भाजपा पर निशाना साधा।

सोनिया गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री को भी निशाने पर लिया और कहा कि पिछले तीन दिनों से गृहमंत्री कहां थे। गृहमंत्री इस स्थिति की जिम्मेदारी लें और अपने पद से इस्तीफा दें।

बता दें कि आज की बैठक में सोनिया गांधी के अलावा मनमोहन सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे हालांकि, राहुल गांधी मौजूद नहीं थे।

इससे पहले कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए शांति एवं भाईचारा सुनिश्चित करने के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "यह गांधी, नेहरू, पटेल का भारत है। क्या कोई भी भारतीय बिना सोचे समझे की गई इस हिंसा को स्वीकार कर सकता है? कांग्रेस दिल्ली के लोगों से अपील करती है कि वे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें और देश को धर्म के आधार पर बांटने के सभी प्रयासों को विफल करें।"

उन्होंने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन जारी हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जारी हिंसा, पथराव और हत्या की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है। सुरजेवाला ने कहा, "हम इन दंगों की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि दोषियों की पहचान की जाए और वास्तविक दोषियों और शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।"

दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली हिंसा के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों को असंवेदनशील और अदूरदर्शी नेताओं को सत्ता में लाने की कीमत चुकानी पड़ रही है।

चिदंबरम ने ट्वीट किया कि दिल्ली में हुई हिंसा और जानमाल का नुकसान सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। हमने चेतावनी दी थी कि सीएए गहरा विभाजनकारी है। इसे निरस्त कर देना चाहिए या छोड़ दिया जाना चाहिए। लेकिन, किसी ने हमारी बात नहीं सुनी।

Posted By: Ajay Barve