कांकेर। छत्तीसगढ़ के कोयलीबेड़ा में पदस्थ एक असिस्टेंट कांस्टेबल ने सड़क पर जमकर उपद्रव मचाया। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल सुरेंद्र नेताम की मानसिक हालत ठीक नहीं है।

नक्सल पीड़ित परिवार का सदस्य सुरेंद्र नेताम को मिर्गी के दौरे आते हैं, जिसके कारण वह एक माह की छुट्टी पर है। उसे उसके परिजन इलाज के लिए कांकेर लेकर आए थे। वह एक घर में ठहरा था।

अचानक अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और घर से बाहर निकलकर उसने कपड़े उतार दिए। इसके बाद में उसने लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। लोगों ने पुलिस की सूचना दे दी।

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गांधी पार्क के पास उसे पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह भागकर दूध नदी के पुल पर पहुंचकर नदी में कूदने की कोशिश भी की। जवानों समय रहते उसे पकड़ लिया, नहीं तो अनहोनी हो जाती।

उसे पकड़कर थाने ले जाने के दौरान भी उसने एक साथी जवान को काट लिया। बताया जा रहा है कि वह पहले वह गोपनीय सैनिक था। बाद में उसे असिस्टेंट कांस्टेबल बनाकर कोयलीबेड़ा थाने में तैनात किया गया।

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जवान जब उसे पकड़कर थाने ले गए तो वह चिल्लाने लगा मैं हूं आरक्षक क्रमांक 148। मेरे खिलाफ रिपोर्ट लिखो। इस मामले पर कोयलीबेड़ा थाना प्रभारी अमोल खलको ने कहा कि मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण सुरेंद्र ने हंगामा किया, वह छुट्टी पर चल रहा है।

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