CoronaVirus Effect: कोरोना वायरस महामारी और बीते कई दिनों के लॉकडाउन की स्थिति ने लोगों के मन में अजीब से डर और खौफ बैठ गया है। इसी का असर अब दिख रहा है कि माता-पिता अभी स्कूल खोले जाने के पक्ष में नहीं हैं। वे मौजूदा स्थिति में अपने बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हैं। देशभर में 2 लाख से ज्यादा माता-पिता ने केंद्र सरकार को हस्ताक्षर कर अर्जी भेजी है। इस अर्जी में कहा कि जब तक कोविड 19 को लेकर हालात सुधर नहीं जाते या उसकी वैक्सीन तैयार नहीं हो जाती तब तक स्कूल नहीं खोले जाने चाहिए।

करीब 2.13 लाख माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित यह अर्जी ऐसे समय भेजी गई है जब केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और अन्य शिक्षण संस्थाओं को जुलाई में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ कोरोना वायरस के हालात की चर्चा के बाद खोला जाएगा। इस अर्जी में ये भी कहा गया है जुलाई में स्कूलों को खोलना सरकार का सबसे खराब फैसला होगा क्योंकि देशभर में फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वे ऐसी स्थिति में अपने बच्चोंं को लेकर कोई जोखिम नहीं ले सकते। ऐसे में फिलहाल स्कूल खोलने का निर्णय ठीक नहीं है।

अभिभावकों ने अर्जी में ये भी कहा कि यह ऐसे समय आग से खेलने जैसा होगा जब हमें उसे पूरी ताकत से इसे बुझाना है। पैरेंट्स ने ये भी कहा कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र को ई लर्निंग मोड में जारी रखा जाना चाहिए। यदि स्कूल दावा करते हैं कि वर्चुअल लर्निंग के जरिये वे अच्छा काम कर रहे हैं तो इसे बाकी के शैक्षणिक सत्र में भी जारी रखा जा सकता है। या फिर ये व्यवस्था तब तक जारी रह सकती है, जब तक इस महामारी की स्थिति नियंत्रित नहीं होती या फिर इसकी दवा या टीका नहीं आता। मौजूदा स्थिति में बच्चों को स्कूल भेजना काफी ज्यादा खतरे से भरा है।

Posted By: Rahul Vavikar

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