Coronavirus New Symptoms: दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। लाख कोशिशों के बाद भी अब तक इसका पुख्ता इलाज नहीं मिल सका है। वहीं कोरोना वायरस के नए लक्षण सामने आ रहे हैं। अब पता चला है कि कोरोना संक्रमण के कारण आंखों में खून के थक्के बने रहे हैं। बिहार में इस तरह के केस सामने आए हैं। यहां लोग आंखों में लाल निशान की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं और जांच में कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं। बता दें, इससे पहले भी समय समय पर कोरोना के नए नए लक्षण सामने आए हैं। शुरुआत सर्दी जुकाम, गले में खराश, बुखार से हुई थी और फिर पैरों में लाल निशान और स्वाद का अनुभव नहीं होना बताया गया। नए लक्षण के बारे में पढ़िए पटना से पवन कुमार मिश्र की रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, Covid-19 का दुष्प्रभाव अब आंखों पर देखा जा रहा है। सबसे खतरनाक स्थिति रेटिना में खून के थक्के जमना है। पटना ऐम्स में शुरुआती दौर में रेटिना में खून के थक्कों को पोस्ट Covid-19 लक्षण माना गया था। वहीं, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआइएमएस) स्थित क्षेत्रीय चक्षु केंद्र के डॉक्टरों ने जब ऐसे रोगियों की Covid-19 जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

रहें सावधान, जा सकती है आंखों की रोशनी

पटना ऐम्स में कॉर्डियो थोरेसिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष सह कोरोना नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार के मुताबिक, अब तक यहां करीब 30 रोगी भर्ती हो चुके हैं, जिनकी आंखों में खून के थक्के थे। कॉर्निया थ्राम्बोसिस के कारण ऐसा होता है। ऐसे रोगियों को आंख और सिर में दर्द के साथ धुंधला दिखने की समस्या होती है। वहीं क्षेत्रीय चक्षु केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि Covid-19 से मुक्त हुए 25 फीसदी लोगों को वायरल कंजेक्टिवाइटिस और 7 फीसदी की रेटिना में खून के थक्के जमने की समस्या हो रही है। रेटिना में खून के थक्के जमना खतरनाक लक्षण है। बीमारी गंभीर होने पर स्थायी रूप से आंखों की रोशनी जा सकती है।

कोरोना का आंखों पर असर, डॉक्टर को कब दिखाएं

डॉक्टरों के मुताबिक, यदि आंखों में खुजली, जलन और पानी आना, आंखों में तेज दर्द और नीचे के काले हिस्से में सूजन की समस्या सामान्य से अधिक समय तक बनी हुई है तो तत्काल एक्सपर्ट को दिखाना चाहिए। दरअसल, कोरोना संक्रमण समेत सभी वायरल इन्फेक्शन के दौरान आंखों समेत पूरे शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। रेटिना की रक्त नलिकाएं बहुत पतली होती हैं और वायरस के जहरीलेपन से कुछ सिकुड़ जाती हैं। इससे वे खून के थक्के जमा होने का अहसास कराती हैं। वायरल ठीक होने के साथ ही आंखे सामान्य हो जाती हैं, लेकिन अभी कोरोना अन्य वायरल से अधिक घातक साबित हो रहा है।

Posted By: Arvind Dubey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020