नई दिल्ली। देशभर में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोरोना वायरस ने जहां अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है और विकास के पहिए को रोक दिया है। वहीं, साइकिल का पहिया तेजी से घूमने लगा है। जी हां, लॉक डाउन खुलने के साथ ही देशभर में पिछले दो महीनों में साइकिलों की मांग में भी खासा इजाफा देखा गया है। मांग इतनी ज्यादा बढ़ी है कि उत्पादकों ने जुलाई के अंत से पहले करीब 10 लाख साइकिलें बनाई हैं।

देशभर की मांग का करीब 90% साइकिल उत्पादन करने वाले लुधियाना में इस कारोबार में 100 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। यह इजाफा पिछले वर्ष इसी समान अवधि की तुलना में दोगुना है। यहां के लीडिंग साइकिल ब्रांड्स के पास 10 से 15 दिनों का वेटिंग टाइम है और भारी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। ऑल इंडिया साइकिल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव केबी ठाकुर ने कहा कि देश में साइकिलों का उत्पादन अप्रैल में शून्य से बढ़कर 4.5 लाख और फिर जून में 8.5 लाख तक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि जुलाई के अंत तक यह आंकड़ा 11 लाख को पार कर जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों की कमी की वजह से आपूर्ति में थोड़ी देरी हो रही है, लेकिन साइकिल उद्योग मांग को पूरा करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा था। महामारी के कारण जिम बंद होने के कारण, सभी वर्गों के लोग फिट रहने के लिए साइकिल चला रहे हैं, जिससे साइकिल की मांग में अचानक से वृद्धि दर्ज की जा रही है।

हीरो साइकिल्स के अध्यक्ष पंकज मुंजाल ने कहा-प्रीमियम श्रेणी की बिक्री में तेजी देखी गई क्योंकि अधिक लोग जिम और समूह वर्कआउट के अभाव में साइकिल चला रहे हैं। लॉकिंग के दौरान बढ़ती पर्यावरणीय चेतना और स्वच्छ हवा के अनुभव ने भी लोगों में व्यवहार में बदलाव पैदा किया है। इसके साथ ही साइकिल के आयात में कमी होने का फायदा भी घरेलू बाजार को मिला है।

स्टैंडर्ड साइकिल की कीमत करीब 3,600 रुपए है। हाइब्रिड साइकिल की रेंज 4,500 रुपये से शुरू होती है और यह एक लाख रुपए तक जाती है। गियर वाली साइकिल 15,000 रुपए से लेकर 40,000 रुपए में मिल सकती है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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