दिल्ली की एक महिला डॉक्टर को तीन बार कोरोना हो चुका है। इस डॉक्टर ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई थी। इसके बाद भी वो कोरोना से दो बार संक्रमित हुईं। कस्तूरबा अस्पताल में बीएमसी संचालित मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स लेबोरेटरी की प्रमुख डॉ. जयंती शास्त्री ने कहा कि 61 वर्षीय महिला डॉक्टर में दूसरा और तीसरा संक्रमण तब हुआ जब उसने कोविड वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए थे। उनके शरीर में एंटीबॉडी भी डेवलप हो गई थी। इस महिला के मामले को एक स्टडी में भी जगह मिली है। यह स्टडी बीएमसी के कस्तूरबा अस्पताल और दिल्ली के सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी विभाग ने की थी। इस स्टडी को अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यू मेडिकल जर्नल 'फ्रंटियर्स इन मेडिसिन' में प्रकाशित किया जाएगा।

रिइन्फेक्शन के बीच कितना समय

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार रिइन्फेक्शन के बीच का एवरेज टाइम 45 से 90 दिनों है। वहीं इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार यह समय अवधि 104 दिन है। शास्त्री ने कहा कि "मुंबई और दिल्ली के हमारे वैज्ञानिकों ने आपस में मिलकर पता लगाया है कि डॉक्टर को 19 दिनों में फिर से संक्रमण हो गया। यह डॉक्टर पहली बार अगस्त 2020 में संक्रमित हुई थी। इसके बाद उसने 1 फरवरी वैक्सीन की पहली और 15 मार्च को दूसरी डोज ली थी।

वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद 2 बार हुआ कोरोना

वैक्सीन की दोनों डौज लगवाने के बाद महिला डॉक्टर को 12 अप्रैल को दूसरी और फिर 3 मई को तीसरी बार कोरोना संक्रमण हुआ। इस बीच में उसकी एक टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव भी आई थी। 12 अप्रैल और 3 मई के बीच वह महिला अपने पति के संपर्क में आई थी। महिला डॉक्टर के पति को भी कोरोना हुआ था। स्टडी के दूसरे ऑथर IGIB के डॉ. राजेश पांडे ने कहा कि पति के स्वाब सैंपल भी लिए गए और उनकी सिक्वेंसिंग की गई। डॉ. पांडे ने कहा, "हमने पाया कि वह डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित था, कुछ दिनों बाद उसकी पत्नी को भी इसी वैरिएंट से संक्रमण हुआ था।

दूसरे इन्फेक्शन के बाद एंटीबॉडी भी बनी थी

स्टडी में यह भी खुलासा हुआ है कि महिला डॉक्टर को दूसरी बार कोरोना होने के बाद उसके शरीर में एंटीबॉडी भी बनी थी। इसमें वैक्सीन से प्रेरित एंटीबॉडी भी शामिल थीं। डॉ. पारिख ने कहा कि वैक्सीन इम्युनिटी और नेचुरल इम्युनिटी का कॉम्बिनेशन आमतौर पर एक बहुत ही मजबूत हाइब्रिड इम्युनिटी तैयार करता है। इसलिए, वैक्सीन लगने के बाद दूसरी बार संक्रमण की संभावना बहुत कम है। यह एक रेयर मामला ही होना चाहिए। तीसरी बार संक्रमित होने के बाद महिला को 45 दिनों से ज्यादा समय के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।

Posted By: Navodit Saktawat