वर्तमान में कोरोना के डेल्‍टा वैरिएंट के फैलने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन इस बीच एक राहत भरी खबर भी आई है। इसमें पता चला है कि कोरोना के इस वैरिएंट से लड़ने में भारत की स्‍वेदशी वैक्‍सीन कोवैक्‍सीन पूरी तरह से प्रभावी है। ऐसे में उम्‍मीद बढ़ गई है कि देश इस महामारी की तीसरी लहर से निपट सकेगा। भारत बायोटेक की कोरोना रोधी वैक्सीन कोवैक्सीन (बीबीवी152) डेल्टा प्लस वैरिएंट (एवाई.1) के खिलाफ प्रभावी पाई गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) द्वारा बायोरक्सिव में प्रकाशित एक अध्ययन में बात कही गई है। भारत बायोटेक ने तीन जुलाई को कोवैक्सीन के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षणों को पूरी करते हुए कहा था कि यह वैक्सीन कोविड-19 के खिलाफ 77.8 प्रतिशत और बी.1.617.2 डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 65.2 प्रतिशत प्रभावी रही थी।

जानिये अध्‍ययन में क्‍या कहा गया

अध्ययन में कहा गया है कि आइजीजी एंटीबाडी का मूल्यांकन किया गया है। इसमें पाया गया है कि कोवैक्सीन की पूर्ण डोज यानी दोनों डोज लेने लोगों में कोविड-19 की आशंका लगभग खत्म हो गई है। इसमें डेल्टा, डेल्टा प्लस और बी.1.617.3 के खिलाफ कोवैक्सीन का मूल्यांकन किया गया।

इसलिए आई थी देश में दूसरी लहर

सार्स-सीओवी-2 का वैरिएंट बी.1.617.2 (डेल्टा) स्वरूप के हाल में सामने आने के बाद इसके तेजी से फैलने के कारण भारत में दूसरी लहर आई है। कोवैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 65.2 प्रतिशत प्रभावी है। इसके बाद, डेल्टा आगे डेल्टा एवाई.1, एवाई.2, और एवाई.3 में बदल गया। अध्ययन में कहा गया है कि इनमें से एवाई.1 यानी डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहली बार भारत में अप्रैल 2021 में पता चला था और बाद में 20 अन्य देशों में भी इसके मामले सामने आए।

Posted By: Navodit Saktawat