पटना। बिहार में चमकी बुखार के जानलेवा कहर के बाद अब डेंगू अपने पैर पसार रहा है। राज्य में डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर 1276 तक पहुंच गई है। अकेले पटना में डेंगू के 903 रोगी अब तक पाए गए हैं। गुरुवार को पटना में 60 नए मरीजों की पहचान की गई।

इधर स्वास्थ्य विभाग ने पटना में डेंगू के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए एक साथ कई कदम उठाए हैं। एक ओर जहां जलभराव वाले इलाकों से जल निकासी हो चुकी है, वहां ब्लीचिंग और चूने के मिश्रण का पैकेट घर-घर बांटने का काम शुरू कर दिया गया है। मलेरिया विभाग की टीम ने पटना के विभिन्न इलाकों में मलेरिया को काबू में करने के लिए सिंथेटिक पाराथ्रॉयड का घरों के अंदर छिड़काव प्रारंभ कर दिया है। इधर स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल और नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य कैंप लगाकर डेंगू और चिकनगुनिया की जांच की जा रही है। यह कैंप शनिवार तक चलेंगे।

राज्य के ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं है। लोगों को भयभीत नहीं होना चाहिए। इस बार डेंगू में एक विशेष बात सामने आई है कि मच्छरों के काटने से प्लेटलेट्स स्तर 50-60 हजार से नीचे नहीं जा रहा। सरकार मामले को देख रही है। -दीपक कुमार, मुख्य सचिव, बिहार

गौरतलब है कुछ महीने पहले बिहार में चमकी बुखार ने सैकड़ों बच्चों की जान ले ली थी। बड़ी संख्या में मौत की वजह से राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए गए थे। बड़ी संख्या में बच्चों की मौत की वजह को लीची फल से भी जोड़कर देखा गया था। लंबे समय तक चली इस महामारी की वजह से कई घरों के चिराग बुझ गए थे। चमकी बुखार से पीड़ित कई बच्चों में आशिंक विकलांगता के लक्षण भी देखे गए। मौसम में बदलाव के बाद ही इस पर काबू पाया जा सकता था।

Posted By: Yogendra Sharma

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