Digi Yatra App: केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिधिया ने डिजियात्रा सेवा का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डिजियात्रा सहजता का पर्याय है। यह हवाई यात्रा से जुड़ी प्रणाली में जुड़ा एक नया अध्याय है। फेशियल रिकाग्निशन सिस्टम आधारित यह सेवा यात्रियों को एयरपोर्ट पर संपर्क रहित सुविधा मुहैया कराएगा। डायल का दावा है कि यह तकनीक बोर्डिंग प्रक्रिया को काफी सहज बना देगी। सबसे बड़ी बात है कि अब यात्री का चेहरा उनके दस्तावेज के रूप में काम करेगा। उन्हें पहचान पत्र व बोर्डिंग पास अपने साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। एप में यात्रियों से जुड़े तमाम जानकारियां इंक्रिप्टेड फार्मेट (कोड वाला प्रारूप) में सुरक्षित रखी जाएंगी। जानकारियों पर आधारित डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहे, इसके लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। अभी शुरुआती चरण में डिजियात्रा की सुविधा केवल घरेलू यात्रियों के लिए है।

क्‍या है डिजियात्रा : यह एप आधारित प्रणाली है। डिजिएप डाउनलोड करने के बाद यात्री का बायोमेट्रिक पंजीकरण किया जाएगा। यात्री को फोन नंबर, आधार की जानकारी दर्ज करनी होगी। यात्री का बोर्डिंग पास उसके मोबाइल फोन में आ जाएगा। यात्री को अपने आधार कार्ड के साथ सेल्फी लेनी होगी और बोर्डिंग पास स्कैन करना होगा। यात्री के टर्मिनल में प्रवेश करते ही आपकी पहचान से संबंधित तमाम जानकारी सीआइएसएफ, एयरलाइंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पास होंगी। इस प्रक्रिया के बाद प्रवेश द्वार पर यात्री को केवल मुख्य प्रवेश द्वार पर बारकोड स्कैन करना होगा। इसके बाद सभी द्वार पर यात्री को केवल कैमरे की ओर देखना होगा।

अब नहीं होगी बोर्डिंग पास की जरूरत : डिजियात्रा के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उनका चेहरा ही बोर्डिंग पास होगा। इससे यात्रियों को तमाम कागजात से छुटकारा मिलेगा और उनके समय की बचत होगी। मुख्य प्रवेश द्वार पर बारकोड स्कैन करने के साथ ही आप जैसे ही कैमरे की ओर देखेंगे आपकी पहचान हो जाएगी और द्वार खुल जाएगा। हर बिदु पर यात्री को अधिकतम तीन सेकेंड का समय लगेगा। तीन सेकेंड पूरा होते ही द्वार यात्री के लिए अपने आप खुल जाएगा।

Posted By: Navodit Saktawat

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