अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा में डॉ नीमाबेन आचार्य को सर्वसम्‍मति से अध्‍यक्ष चुन लिया गया, विधानसभा की पहली महिला अध्‍यक्ष बनने का रिकार्ड उनके नाम दर्ज हो गया। मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उनके नाम का प्रस्‍ताव रखा तथा नेता विपक्ष परेश धनाणी ने उनका समर्थन किया। जबकि जेठाभाई भरवाड बहुमत से सदन के उपाध्‍यक्ष चुने गये। कांग्रेस ने उनके खिलाफ डॉ अनिल जोशीयारा को उम्‍मीदवार बनाया था। गुजरात विधानसभा का दो दिन का मानसून सत्र सोमवार को प्रारंभ हुआ, कार्यवाहक अध्‍यक्ष दुष्‍यंत पटेल ने विधानसभा अध्‍यक्ष के लिए सत्‍तापक्ष की ओर से नामांकित डॉ नीमाबेन का प्रस्‍ताव सदन के समक्ष रखा जिसे सर्वसम्‍मति से ध्‍वनिमत के साथ पारित किया गया। मुख्‍यमंत्री व नेता विपक्ष तथा मंत्रिपरिषद के सदस्‍य सम्‍मानपूर्वक डॉ नीमाबेन को विधानसभा अध्‍यक्ष की कुर्सी लेकर गये। उन्‍होंने इसके बाद सदन के समक्ष उपाध्‍यक्ष पद के चुनाव का प्रस्‍ताव रखा, भाजपा के जेठाभाई भरवाड को सदन ने बहुमत से चुन लिया। पहली बार वे कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंची थी, 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले वे भाजपा में शामिल हो गई थी।

डॉ आचार्य व भरवाड दोनों ही पांचवीं बार विधायक चुने गये हैं। मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात के इतिहास में आज का दिन काफी महत्‍वपूर्ण है, लौहपुरुष सरदार पटेल के बडे भाई विट्ठठलभाई पटेल का जन्‍मदिन है विधानसभा भवन उनके नाम पर ही है ओर इसी दिन एक महिला इस सदन की पहली बार अध्‍यक्ष चुनी गई है। नेता विपक्ष परेश धनाणी ने कहा कि गुजरात में लोकतंत्र की रक्षा की जिम्‍मेदारी अब एक महिला के सिर पर है। नीमाबेन भुज से विधायक है जबकि जेठाभाई सहेरा से विधायक हैं।

अध्‍यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को विधानसभा सचिव डी एम पटेल के समक्ष नामांकन पेश किया गया था। कांग्रेस ने अध्‍यक्ष के लिए डॉ नीमाबेन का समर्थन कर दिया लेकिन उपाध्‍यक्ष पद कांग्रेस को देने की मांग को लेकर उन्‍होंने डॉ अनिल जोशीयारा को उम्‍मीदवार बनाया था। कांग्रेस ने कोरोना महामारी में मारे गये लोगों को विधानसभा सत्र के दौरान श्रद्धांजलि देने की मांग को लेकर सदन से बाहर निकल गये। सत्‍तापक्ष कांग्रेस की मांग के पक्ष में नहीं था।

Posted By: Navodit Saktawat