नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के कुर्नूल फायरिंग रेंज से मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया। यह इस सिस्टम का तीसरा सफल परीक्षण है। इसको भारतीय सेना की तीसरी पीढ़ी के एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल की जरूरतों के मुताबिक विकसित किया जा रहा है। मिसाइल को एक पोर्टेबल ट्राइपॉड लॉन्चर से लक्ष्य पर फायर किया गया था उसने लक्ष्य पर वार किया और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

डीआरडीओ स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइल कई उन्नत सुविधाओं से लैस है। इसमे अल्ट्रा-आधुनिक इमेजिंग इन्फ्रारेड रडार शामिल है। मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। इसक मिसाइल की अधिकतम मारक क्षमता लगभग 2.5 किलोमीटर है। संभावना जताई जा रही है कि इन मिसाइलों का 2021 से बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा।