East Asia summit । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 16वें ईस्ट एशिया सम्मेलन (16th East Asia Summit) में हिस्सा लेंगे। इस सम्मिट में प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। भारत के अलावा ईस्ट एशिया समिट में अमेरिका, रूस, और चीन सहित कुल 18 देश सदस्य हिस्सा लेते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग के भी इस सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है औरर इस बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ईस्ट एशिया सम्मेलन (ईएएस) रणनीतिक वार्ता के लिए इंडो-पैसिफिक का प्रमुख मंच है। प्रधानमंत्री मोदी इसके बाद 28 अक्टूबर को भारत आसियान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। आशियान देशों में संगठन में सभी 10 देश इंडोनेशिया, ब्रुनेई, मलयेशिया, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, थाइलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और म्यांमार के प्रमुखों की पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक होगी।

रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा करेगा भारत

गौरतलब है कि 18वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भारत सदस्य देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी की स्थिति की समीक्षा करेगा और कोविड-19 की परिस्थितियों के बीच स्वास्थ्य, व्यापार और वाणिज्य, कनेक्टिविटी, और शिक्षा और संस्कृति सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई हो रही प्रगति की समीक्षी की जाएगी। कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर भी इस शिखर सम्मेलन में वार्ता की होगी।

हर साल आयोजित किया जाता है आसियान-भारत शिखर सम्मलेन

गौरतलब है कि आसियान-भारत शिखर सम्मेलन हर साल आयोजित किया जाता हैं और भारत और आसियान को उच्चतम स्तर पर जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। आसियान शिखर सम्मेलन हर साल आयोजित होता है लेकिन इस साल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के खिलाफ चल रही घेराबंदी के बीच पहली बार यह सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इस सम्मेलन में शामिल होने वाले अधिकांश देश चीन के पड़ोसी देश है और सभी देशों का दक्षिण चीन सागर या दूसरे अन्य मुद्दों को लेकर चीन के साथ विवाद है। इस सम्मलेन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी पहली बार शामिल हो सकते हैं, ऐसे में इस बार का आसियन शिखर सम्मेलन खास हो सकता है। QUAD और AUKUS के गठन एवं सक्रियता के बाद इन सम्मेलनों की अहमियत बढ़ गई है।

Posted By: Sandeep Chourey