महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख द्वारा सचिन वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट देने का पर्दाफाश होने के बाद ईडी सक्रिय हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जल्द ही एनआइए से जांच का विस्तृत ब्यौरा मांगने जा रहा है। परमबीर के आठ पेज के कथित पत्र में सच्चाई पाये जाने की स्थिति में ईडी मनी लांड्रिग रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर सकता है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि परमबीर सिह के आरोपों में सच्चाई है, तो सालाना हजारों करोड़ रुपये के मनी लांड्रिग का मामला बनता है और इसकी तह तक जाना जरूरी है। सचिन वाझे ने अभी तक मुकेश अंबानी के घर के बाहर जिलेटिन की छड़ों के साथ स्कार्पियो खड़ी करने के पीछे असली मकसद का खुलासा नहीं किया है, लेकिन ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि वाझे ने देश के सबसे बड़े उद्योगपति को भयभीत कर मोटी रकम वसूलने की साजिश रची थी, जिसमें वह खुद बुरी तरह फंस गया। सचिन वाझे की मर्सिडीज कार से पांच लाख रुपये नकद और नोट गिनने की मशीन की बरामदगी से साफ संकेत मिलता है कि इसका इस्तेमाल हर दिन वसूल की जाने वाली रकम को गिनने के लिए किया जाता था। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सचिन वाझे का मामला सीधे-सीधे मनी लांड्रिग का केस है। और इसकी जांच जरूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनआइए से अब तक की जांच का विस्तृत ब्योरा और एफआईआर की प्रति मिलते ही केस दर्ज कर लिया जाएगा।

Posted By: Navodit Saktawat