नई दिल्ली। देश में सरकारी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग कर रहे हैं, इस बीच कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार वेतन बढ़ाने के लिए कमीशन यानी आयोग वाला सिस्टम ही खत्म करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय कर्मियों के काम का मूल्यांकन करने और वेतन बढ़ाने के लिए सरकार नया फॉर्मूला तलाश रही है।

सूत्रों के हवाले से विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि देश में आठवें वेतन आयोग की जरूरत खड़ी हो, इससे पहले सरकार Aykroyd फॉर्मूला ला सकती है। एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि बीते कुछ महीनों से इस फॉर्मूले पर कई बार मंथन हो चुका है।

...तो ऐसे तय होगा वेतन

जानकारी के मुताबिक, Aykroyd फॉर्मूले के तहत अब कर्मचारी का वेतन उसके कामकाज और महंगाई दर के हिसाब से तय होगा। मोदी सरकार भ्रष्ट और कामचोर कर्मचारियों पर सख्ती शुरू कर चुकी है। हाल ही में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया था कि बीते पांच साल में ऐसे 1,083 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।

सरकार के इस कदम का जस्टिस एके माथुर ने समर्थन किया है। 7वें वेतन आयोग के अध्यक्ष जस्टिस माथुर का कहना है कि सरकार को हर साल वेतन की समीक्षा करना चाहिए। जरूरी नहीं कि वेतन आयोग का गठन किया जाए और कर्मचारियों को 10 साल इंतजार करवाया जाए।

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7वें वेतन आयोग में सरकार को नया फॉर्मूला सुझाया गया है। इसके तहत कर्मचारी के मूल वेतन को 2.57 से गुणा किया जाएगा और यही राशि उसका नया वेतन होगी। बता दें, केंद्रीय कर्मचारियों का मूल वेतन 7000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है।

पेंशन पर भी पड़ेगा असर

जिन कर्मचारियों की रिटायरमेंट की तारीख 1 अगस्त 2016 से पहले की है, उनकी पेंशन पर भी नई व्यवस्था का असर होगा।

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Posted By: Arvind Dubey

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