PF Rules : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में कई बदलाव हुए हैं। जिसके बाद से कर्मचारी को ईपीएफ (EPF) खाते से निकासी करना सरल हो गया है। अब ऑनलाइन माध्यम से ईपीएफ अकाउंट से आंशिक पैसा निकाले जा सकते हैं। वहीं ईपीएफओ कर्मचारी को नौकरी छोड़ देने के बाद 75 फीसद तक राशि निकालने की अनुमति देता है। वहीं अगर कोई कर्मचारी दो महीने से बेरोजगार है तो वह ईपीएफ अकाउंट से 100 फीसद रकम निकाल सकता है। अगर आप भी ईपीएफ खाते से निकासी करने जा रहे हैं तो हम आपको कुछ बातें बताने जा रहे हैं। जिससे ध्यान से पढ़े ताकि आपको आगे कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े।

- अगर कर्मचारी ने 5 साल की सेवा अवधि पूरी नहीं हो तो पैसे निकालने पर टैक्स लगता है।

- अगर ईपीएफ खाता पुराने नियोक्ता से ट्रासंफर किया है तो कर के लिए कुल सेवा अवधि की गणना में पुरानी सेवा अवधि भी जुड़ती है।

- ईपीएफ खाते की राशि चार भाग में होती है।

- अगर निकासी पांच साल की सेवा अवधि से पहले है। वहीं आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत योगदान पर छूट का दावा किया हो तो कर्मचारी का योगदान भी वेतन श्रेणी के तहत माना जाता है।

- पांच साल की रोजगार अवधि से पहले 10 फीसद की दर से टीडीएस लगता है।

- अगर राशि 50 हजार से कम हो या कंपनी ने परिचालन बंद कर दिया तो ऐसी स्थिति में टीडीएस नहीं कटता है।

- कर्मचारी की आय तक योग्य आय सीमा से कम है तो फॉर्म 15जी/15एच भरकर ईपीएफ पर टीडीएस काटने से रोक सकता है।

Posted By: Navodit Saktawat