वित्त वर्ष 2020 में वेतनभोगियों को रिटायरमेंट की पूंजी पर कुछ कम ब्याज मिल सकता है। प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) पर ब्याज दर में कटौती की जा सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जो निवेश करता है, उस पर रिटर्न कम रहा है। इस वजह से संगठन को पीएफ पर ब्याज की दर कम करनी पड़ सकती है। EPFO वित्त वर्ष 2020 के लिए पीएपफ डिपॉजिट पर ब्याज दर 0.15 प्रतिशत घटाकर 8.5 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है। वित्त वर्ष 2019 में पीएफ पर ब्याज दर 8.65 प्रतिशत थी। इस मसले पर EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के पांच मार्च की बैठक में विचार किए जाने की संभावना है।

घटी ईपीएफओ की आय

रिपोर्ट में मामले से वाकिफ एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि इस साल ब्याज दरें जस की तस रखना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने बताया कि लॉन्ग टर्म फिक्स्ड डिपॉजिट्स, बॉन्ड्स और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज से पिछले एक साल में ईपीएफओ की आय 0.50-0.80 प्रतिशत घटी हैं। वित्त, निवेश और ऑडिट समिति पीएफ डिपॉजिट पर रिटर्न की दर के बारे में बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक से पहले निर्णय कर सकती है। यह फैसला ईपीएफओ के असल मुनाफे के आधार पर किया जाएगा।

ईपीएफओ के 6 लाख सब्सक्राइबर

इस निर्णय की जानकारी बोर्ड मीटिंग में दी जाएगी, जो इस पर विचार करेगा। रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि ईपीएफओ पर ब्याज दर पर कर्मचारियों का सेंटीमेंट निर्भर करता है। इसमें अभी कोई भी कमी कर्मचारियों का सेंटीमेंट और खराब कर सकती है। श्रम मंत्री की अध्यक्षता वाला बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ईपीएफओ में निर्णय लेने वाला शीर्ष निकाय है। ईपीएफओ के 6 लाख सक्रिय सब्सक्राइबर हैं।

निवेश से आय घटने की वजह

Posted By: Arvind Dubey

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