EPFO News: सभी सरकारी और प्राइवेट नौकरीपेश वर्ग के जरूरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सब्सक्राइबर्स के लिए ई-नॉमिनेशन जरूरी कर दिया है। ऐसा नहीं करने पर कर्मचारी अपना पीएफ बैलेंस चेक नहीं कर पाएंगे। इससे खाता धारक के परिवार को सोशल सिक्योरिटी भी मिलती है। ईपीएफओ ने इसे लेकर कई ट्वीट किए है। जिसमें बताया गया है कि कैसे ई-नॉमिनेशन फाइल किया जा सकता है।

ई-नॉमिनेशन क्यों है जरूरी?

ईपीएफओ ने नॉमिनी की जानकारी देने के लिए ई नामांकन की सुविधा दे रहा है। जिन लोगों के नामांकन नहीं है, उन्हें मौका दिया जा रहा है। इसमें नाम, जन्मतिथि आदि जानकारी भरी जाएगी। संगठन ने कहा है कि खाताधारक को ई-नॉमिनेशन करना चाहिए। ऐसा करने पर अकाउंट होल्डर की मृत्यु होने पर नॉमिनी को पीएफ, पेंशन और बीमा से जुड़ी रकम निकालने में मदद मिलेगी।

ईपीएफ/ईपीएस नामांकन डिजिटल रूप से प्रस्तुत करने की प्रोसेस:

1. सबसे पहले ईपीएफओ वेबसाइट https://www.epfindia.gov.in/ पर जाना होगा।

2. फिर Service>For Employees> Member UAN/Online Service पर जाएं।

3. यूएएन और पासवर्ड के साथ लॉगइन करें।

4. Manage Tab के अंतर्गत e-Nomination पर टैप करें।

5. स्क्रीन पर Provide Details टैब दिखाई देगा। Save पर क्लिक करें।

6. परिवार संबंधी घोषणा को अपडेट करने के लिए Yes पर क्लिक करें।

7. Add Family Details पर क्लिक करें। (ध्यान रखें कि एक से अधिक नामिति को जोड़ा जा सकता है।)

8. शेयर की कुल रकम की घोषणा हेतु Nomination Details पर क्लिक करें। Save EPF Nomination पर क्लिक करें।

9. ओटीपी जनरेट करने के लिए E-Sign पर क्लिक करें। आधार के साथ लिंक मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को सबमिट करें।

10. अब आपका ई-नामांकन ईपीएफओ के साथ पंजीकृत हो गया है। ई-नामांकन के बाद किसी भौतिक दस्तावेज की जरूरत नहीं है।

जानिए यूएएन में बैंक अकाउंट विवरण कैसे अपडेट करें:

स्टेप 1 - यूनिफाइड मेम्बर पोर्टल पर जाएं। यूएएन और पासवर्ड के साथ लॉगइन करें।

स्टेप 2 - मैनेज टैब पर क्लिक करें। फिर ड्रॉप डाउन मेनू से केवाईसी का चयन करें।

स्टेप 3 - दस्तावेजों का चयन करें। बैंक खाता नंबर और आईएफएससी दर्ज करें।

स्टेप 4 - नया बैंक विवरण सेव करने के बाद केवाईसी पेंडिंग फॉर अप्रूवल दिखेगा।

स्टेप 5 - नियोक्ता द्वारा बैंक विवरण सफलतापूर्वक सत्यापित करने के बाद, सदस्य को ईपीएफओ से मैसेज प्राप्त होगा।

Posted By: Shailendra Kumar