नौकरीपेशा वर्ग के लिए बड़ी राहत की खबर है। आज कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम ESIC ने एक महत्‍वपूर्ण प्रावधान करते हुए अपने कर्मचारी सदस्‍यों को निजी अस्‍पतालों में भी इलाज की सुविधा दे दी है। मौजूदा व्यवस्था के तहत ईएसआईसी की योजना के दायरे में आने वाले बीमित व्यक्तियों और लाभार्थियों (पारिवार के सदस्य) को पैनल में शामिल या उससे बाहर के अस्पतालों में इलाज के लिये पहले ईएसआईसी चिकित्सालय या अस्पताल में जाना होता है। वहां से फिर से उन्हें ‘रेफर’ किया जाता है। श्रमिक संगठन समन्वय समिति (टीयूसीसी) के महासचिव एस पी तिवारी ने कहा, ‘‘बोर्ड की सोमवार को हुई बैठक में आपात स्थिति में दूसरे अस्पतालों में इलाज के लिये ईएसआईसी चिकित्सालय या अस्पतालों से ‘रेफर’ किये जाने की पूर्व शर्त को समाप्त कर दिया गया है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने सोमवार को उससे जुड़े लाभार्थियों को आपात स्थिति में नजदीक के किसी भी निजी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लेने की अनुमति दे दी। ईएसआईसी के बोर्ड में शामिल तिवारी ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने जैसे आपात चिकित्सा मामलों में यह निर्णय किया गया है।

अब नई व्‍यवस्‍था में यह होगा

- दिल का दौरा पड़ने पर तत्काल इलाज की जरूरत पड़ती है। ईएसआईसी अंशधारक आपात स्थिति में इलाज के लिये पैनल में शामिल या अन्य निजी अस्पतालों में जा सकते हैं।

- पैनल में शामिल अस्पतालों में इलाज ‘कैशलेस’ होगा, वहीं अन्य निजी अस्पतालों में इलाज के खर्च का भुगतान कर उसे बाद में प्राप्त किया जा सकता है।

- इसकी इलाज की दरें केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवा (सीजीएचएस) दरों के अनुरूप होंगी। उन्होंने कहा, अगर 10 किमी के दायरे में कोई ESIC या निजी अस्पताल नहीं है तो गैर-निजी अस्पतालों में सब्सक्राइबर्स को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने की अनुमति दी जाती है।

- यह भी तय किया गया था कि अपने ग्राहकों और लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ESIC अपने नए खुलने वाले अस्पताल चलाएगा और इसे चलाने के लिए राज्यों को सुविधाएं नहीं सौंपेगा।

- ईएसआईसी के पास लगभग 26 निर्माणाधीन अस्पताल हैं और 16 वैचारिक स्तर पर हैं। राज्य 110 अस्पताल चलाते हैं जिसके लिए ईएसआईसी सेवा शुल्क का भुगतान करता है। वे मौजूदा व्यवस्था के अनुसार सेवाएं जारी रखेंगे।

Posted By: Navodit Saktawat