कोलकाता। बुधवार को कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर व तृणमूल कांग्रेस विधायक शोभन चटर्जी भाजपा में शामिल हो गए। दिल्ली में भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के वरिष्ठ नेता मुकुल राय और महासचिव अरुण सिंह की उपस्थिति में उन्होंने अपनी महिला मित्र बैशाखी बनर्जी के साथ भाजपा का दामन थामा। दोनों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराने के बाद राय ने कहा कि वह उन नेताओं में से एक हैं जिसने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया है।

शोभन चटर्जी को कभी ममता के काफी करीबी नेताओं में माने जाते थे। मुकुल ने दावा किया कि शोभन के आने के बाद से राज्य में भाजपा और मजबूत होगी और कोलकाता नगर निगम के लिए यदि चुनाव कराए जाते हैं तो निश्चित तौर पर जीत का सेहरा भाजपा के सर पर बंधेगा। मुकुल ने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को पश्चिम बंगाल में भारी बहुमत मिलेगा और तृणमूल 30 सीटों पर सिमट कर रह जाएगी।

बुधवार को तृणमूल की एक और विधायक देवश्री राय दिल्ली भाजपा मुख्यालय में पहुंची थी। सूत्रों ने बताया कि शोभन की आपत्ति की वजह से देवश्री को भाजपा में शामिल कराने को लेकर सहमति नहीं बनी। इस बीच तृणमूल कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने भाजपा में शामिल होने के बाद शोभन चटर्जी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

शोभन चटर्जी के निजी जीवन की परेशानियों की वजह से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले साल नवंबर में उनसे पर्यावरण, अग्निशमन के मंत्री पद और कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा देने के लिए कहा था। चटर्जी पिछले कुछ महीनों से भाजपा के संपर्क में थे। लोकसभा चुनाव में हैरानी भरे नतीजों के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल ने चटर्जी को मनाने की काफी कोशिशें की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। चटर्जी को उनके बेहतर संगठनात्मक कौशल के लिए पहचाना जाता है। लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से तृणमूल के छह और कांग्रेस तथा माकपा के एक-एक विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

शोभन चटर्जी की पत्नी रत्ना चटर्जी ने शोभन के भाजपा में शामिल होने को लेकर उन पर हमला बोलते हुए कहा कि शोभन खुद इतने अनैतिक हैं कि उन्हें अपने बच्चों तक का ख्याल नहीं है। रत्ना ने कहा कि यद्यपि उन्होंने तलाक का मामला दायर किया है, लेकिन उन्हें यह भी ख्याल नहीं है कि अपनी बीवी बच्चों को छोड़ कर किसी पराई महिला के साथ अनैतिक तरीके से रह रहे हैं। रत्ना ने कहा कि शोभन को ममता बनर्जी ने एक पार्षद से मंत्री बनाया था और आज उन्होंने दीदी को ही छोड़ दिया।