नई दिल्ली। देश के टोल नाकों पर गुजरने के दौरान वाहन चालकों का वक्त बर्बाद ना हो इसके लिए परिवहन मंत्रालय ने FASTag को अनिवार्य किया है। इसके इस्तेमाल से टोल नाकों पर रुककर पेमेंट करने में वक्त खराब नहीं होगा। देश के लगभग सभी नेशनल हाइवे पर मौजूद टोलनाकों को इसके दायरे में लाया जा चुका है। वाहन पर FASTage लगाने के बाद उसका KYC कराना भी अनिवार्य है, हालांकि परिवहन मंत्रालय FASTage के उपयोग पर KYC की अनिवार्यता को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी कड़ी में पिछले हफ्ते केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने RBI गवर्नर शक्तिकांत दास से भी मुलाकात की है।

बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान गडकरी ने RBI गवर्नर से KYC की अनिवार्यता को समाप्त करने की गुजारिश की है। नितिन गडकरी का मानना है कि वाहन चालकों से कैश पेमेंट पर दोगुना शुल्क लेने के बजाय बैकों और NHAI को टोल गेट के पास ही वाहन चालकों को टैग उपलब्ध करा देना चाहिए।

एक अधिकारी के मुताबिक 'FASTage का उपयोग फिलहाल टोल नाकों पर इलेक्ट्रॉनिकली पेमेंट के लिए किया जा रहा है। इसमें कैश ट्रांजेक्शन नहीं होता है। यह पेमेंट वॉलेट के जरिये ही हो सकता है जो कि बैंक के खाते या क्रेडिट कार्ड से लिंक रहता है। बैंक खाता खोलने या क्रेडिट कार्ड देने के पूर्व वैसे ही KYC की प्रक्रिया पूरी करती हैं। ऐसे में FASTage में KYC से रिलेक्सेशन दिया जा सकता है।'

अधिकारियों का कहना है कि क्लोज लूप पेमेंट सिस्टम का सबसे अच्छा उदाहरण दिल्ली मेट्रो कार्ड का है और ऐसे में FASTage के मामले में भी KYC की जरुरत नहीं है। अब तक 80 लाख से ज्यादा FASTages बिक चुके हैं और सभी गाड़ियों पर इन्हें लगाने की समयसीमा सरकार ने 15 दिसंबर की हुई है।

Posted By: Neeraj Vyas

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