नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योग जगत को बड़ा बूस्टर डोज दिया है। जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले वित्तमंत्री सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस लेकर इंडस्ट्री को बड़ी राहत दी है।

भारतीय कंपनियों को सरकार की घोषणाओं का बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। त्यौहारी सीजन के पहले सरकारी की बड़ी घोषणाओं से उद्योग जगत में दौड़ी खुशी की लहर के साथ ही शेयर बाजार में भी जमकर उछाल नजर आया है।

वित्तमंत्री की घोषणाओं की अहम बातें

- सरकार ने कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को घटाया है। अगर कोई घरेलू कंपनी सरकार से अन्य बेनेफिट नहीं ले रही है तो उसके पास 22 फीसदी की दर से इनकम टैक्स भुगतान करने का विकल्प रहेगा।

- पहले ही 22 फीसदी की दर से भुगतान करने वाली कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान करने की जरुरत नहीं रहेगी। सभी उपकरों और अधिशेषों को मिलाकर प्रभावी दर 25.17 फीसदी रहेगी।

- एक अक्टूबर के बाद बनी नई भारतीय मैन्यूफेक्चरिंग कंपनियों को बिना किसी प्रोत्साहन के 15 फीसदी की दर से इनकम टैक्स भुगतान की सुविधा मिलेगी।

- नई मैन्यूफेक्चरिंग कंपनियों के लिए सभी उपककर और अधिशेष मिलाकर प्रभावी दर 17.01 फीसदी रहेगी।

- वित्तमंत्री ने कैपिटल गेन टैक्स से सरचार्ज हटाने की बड़ी घोषणा भी की है।

- शेयरों की दोबारा खरीदी की घोषणा 5 जुलाई के पहले करने वाली कंपनियों पर टैक्स नहीं लगेगा।

सरकार ने उद्योग जगत को बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। हालांकि वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा कॉर्पोरेट टैक्स की दर घटाने के बाद सरकार को मिलने वाले सालाना राजस्व में 1.45 लाख करोड़ की कमी आने का अनुमान है।