नई दिल्ली। असम मे NRC से बाहर हुए लोगों के लिए सरकार द्वारा देश का पहला डिटेंशन सेंटर बनवाया जा रहा है। इस 15 मंजिला बिल्डिंग को तैयार करने में लगभग 46 करोड़ का खर्च आ रहा है। असम के गोलपारा में इसे बनवाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने 31 अगस्त को नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन्स(NRC) की अंतिम सूची जारी की थी। इस सूची से असम में रहने वाले 19 लाख से ज्यादा लोग बाहर हुए हैं।

बिल्डिंग का काम देख रहे जूनियर इंजीनियर राबिन दास ने बताया कि 'इस प्रोजेक्ट पर दिसंबर 2018 में काम शुरू किया गया था। हमारा लक्ष्य इस बिल्डिंग को दिसंबर 2019 तक पूरी तरह तैयार करना है। इसे बनाने में लगभग 46 करोड़ की लागत आ रही है।'

दास के मुताबिक डिटेंशन सेंटर को 15 मंजिला बनाया जा रहा है। इसमें 13 मंजिले पुरुषों और 2 मंजिलें महिलाओं के लिए रहेंगी। इसमें अलग अलग टॉयलेट्स, हॉस्पिटल्स, किचन, डाइनिंग एरिया और स्कूल रहेंगे। यह बिल्डिंग ऑफिसर्स और ग्रेड 4 स्टॉफ के लिए रहेगी। इसमें दो सिक्युरिटी बैरक भी रहेंगी। इसमें 50 हजार लीटर की क्षमता वाला वॉटर सिस्टम रहेगा।

असम पहला राज्य जहां NRC लागू हुआ

असम में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों के आने की आशंका के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन्स(NRC) सूची बनाने का निर्णय लिया था। हालांकि इस निर्णय का काफी विरोध भी हुआ। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को 31 अगस्त की डेडलाइन देते हुए लिस्ट घोषित करने का कहा था।

इसके बाद सरकार ने ऑनलाइन लिस्ट जारी की थी, जिसमें प्रदेश के 19 लाख लोगों को देश की नागरिकता नहीं दी गई है। इन लोगों को रखने के लिए असम के गोलापारा में पहला डिटेंशन सेंटर बनवाया जा रहा है।