सिंगापुर। सिंगापुर दुनिया का ऐसा पहला देश हो जाएगा जो सेहत के अत्यधिक हानिकारण शर्करायुक्त पेयों के विज्ञापनों पर रोक लगाने जा रहा है। देश में मधुमेह के मरीज बढ़ने के कारण उसने यह कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि अपने ऐसे पेयों की बोतलों पर पोषक तत्वों व शकर की मात्रा बतानी होगी। लेबल पर कम स्वास्थ्यकारक लिखना होगा। जो उत्पाद सेहत के लिए सबसे अधिक हानिकारक माने जाएंगे, उनके विज्ञापनों पर रोक लगा दी जाएगी।

...और भारत में...हर्षवर्धन ने राज्यों से कहा, स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ाएं

इस बीच भारत में केंद्रीय स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राज्यों से अपने बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ाने की अपील की। उनके मुताबिक, स्वास्थ्य सेवाओं का यह बजट कम से कम आठ फीसद तक हो, ताकि 2025 तक स्वास्थ्य पर खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 2.5 फीसदी तक ले जाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। केंद्रीय स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण परिषद के 13वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन ने यह बात कही।

उनके मुताबिक, स्वास्थ्य तथा चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतरी के लिए सभी राज्यों ने मिलकर काम किया और देश को पोलियो मुक्त बनाने सहित कई मील के पत्थर हासिल किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री किसी लक्ष्य के लिए एकजुट हो जाएं तो उसे हासिल करना नामुमकिन नहीं।' उन्होंने राज्यों से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट राशि बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट राशि के व्यय को 2025 तक GDP के 2.5 फीसदी के स्तर पर ले जाने का लक्ष्य तय किया गया। इस टारगेट को पाने के लिए सभी राज्यों को मिलकर प्रयास करने होंगे और इसके तहत बजट में स्वास्थ्य पर खर्च होने वाली राशि में 8 फीसदी का इजाफा करने की जरूरत होगी।