नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी अपनी किताब "पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर" का दोबारा लोकार्पण किया। 400 पन्नों वाली इस पुस्तक में प्रधानमंत्री की कार्यशैली के संबंध में अंग्रेजी के कठिन शब्द (फ्लोक्सिनॉसिनिहिलिपिलिफिकेशन) का इस्तेमाल किया गया है।

इस शब्द के सामने आने के बाद लोगों में असमंजस का माहौल पैदा हो गया। लोग इस शब्द का मतलब ढूंढने लग गए। कुछ लोगों ने तो इसे लेकर थरूर को ही ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसके बाद थरूर ने ट्वीट करते हुए इस पर सफाई दी और मतलब भी बाताया।

उन्होंने लिखा, मेरी नई किताब, 'द पेराडॉक्सियल प्राइम मिनिस्टर है जिसमें 400 पन्नों के अलावा 'फ्लोक्सिनॉसिनिहिलिपिलिफिकेशन' पर मेरी मेहनत भी है। "दरअसल, इस शब्द का मतलब होता है- किसी भी बात पर आलोचना करने की आदत, चाहे वो गलत हो या सही।

जाहिर है पुस्तक प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों पर सवाल खड़े करने वाली है। थरूर ने भी माना है कि कुछ खास शब्दों के लिए लोगों को डिक्शनरी की मदद लेनी पड़ेगी। यह पुस्तक ऑर्डर देने पर अमेजन पर उपलब्ध है।

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर अभी तक 17 पुस्तकें लिख चुके हैं। अपनी पुस्तकों और भाषणों में वह खास और चुटीले शब्दों के इस्तेमाल के लिए जाने जाते हैं। भाजपा नेता विनय कटियार के ताजमहल पर दिए बयान पर उन्होंने ट्वीट के जरिए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

कहा था कि देश को बर्बाद करने वाले ऐसे लोगों को हम कुछ भी करने और बोलने की छूट नहीं दे सकते। पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध मौत के बाद शक के दायरे में आए थरूर ने काफी समय तक पुलिस जांच का सामना किया। अब उन्हें मामले में राहत मिली है।

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