नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने त्‍योहारी सीजन के पहले जनता को राहत देने की तैयारी कर ली है। इसके तहत अब देश भर के 400 जिलों में लोगों को आसान प्रक्रिया के तहत लोन बांटा जाएगा ताकि बाजार में अर्थव्‍यवस्‍था सुचारू बनी रहे और त्‍योहार के दौरान रौनक भी कायम रहे।

इसमें सरकारी क्षेत्र के बैंकों की भूमिका सबसे अहम होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इन बैंकों के प्रमुखों के साथ गुरुवार को बैठक हुई। अगले 20 दिनों के भीतर देश के 400 जिलों में 'शामियाना फार्मूले' के तहत बैंकिंग कर्ज बांटने का फैसला किया गया।

यह है पूरी कार्ययोजना

वित्त मंत्रालय की तरफ से बैंकों को यह निर्देश दिया गया है कि वे दो चरणों में 400 जिलों को पर्याप्त कर्ज बांटे ताकि त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता ज्यादा से ज्यादा खरीदारी करे।

खास बातें

- ज्यादा कर्ज बांटकर मंदी भगाने की "शामियाना" फॉर्मूला

- दो चरणों में 400 जिलों में खुदरा कर्ज बांटने के लिए लोन मेला लगेगा

- पहले चरण में 29 सितंबर तक 200 जिलों में एनबीएफसी व आम जनता को दिया जाएगा लोन

- एमएसएमई के बकाये कर्जे मार्च, 2020 तक नहीं बदले जाएंगे एनपीए में

बैंकों से कहा, नए ग्राहकों की तलाश करें

वित्त मंत्री ने बताया कि, ''बैंकों से कहा गया है कि वे नए ग्राहकों की तलाश करें। हर एक पुराने ग्राहक पर पांच नए ग्राहक खोजने का काम उन्हें करना होगा। बैंकों की तरफ से कई एनबीएफसी की पहचान पहले ही हो चुकी है जिन्हें वह कर्ज उपलब्ध करा सकते हैं।''

ऐसे होगा इसका क्रियान्‍वयन

- पहला चरण 29 सितंबर, 2019 तक होगा जिसमें 200 जिलों में बैंकों की तरफ से कर्ज वितरण के विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

- इसका बाद दूसरा चरण 10 अक्टूबर 2019 तक लागू होगा। कर्ज वितरण के लिए बैंकों की तरफ से शिविर लगाए जाएंगे और उसमें एनबीएफसी के साथ ही आम जनता को भी बुलाया जाएगा।

- यह अस्थाई ढांचा होगा इसलिए इसका नाम शामियाना फार्मूला रखा गया है।

- कर्ज आम जनता को भी बांटा जाएगा और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को भी ताकि वे अपनी तरफ से होम लोन, आटो लोन व अन्य उपभोक्ता लोन भी वितरित कर सकें।