नई दिल्ली। सीबीआई डायरेक्टर के पद से हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद आलोक वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि यह सामुहिक आत्मनिरीक्षण का वक्त है।

आलोक वर्मा को गुरुवार को ही सीबीआई डायरेक्टर के पद से हटाते हुए उनका ट्रांसफर करते हुए उन्हें उनके कार्यकाल के बाकी बचे 21 दिनों के सेवाकाल के लिए डीजी फायर सर्विस बनाया गया था लेकिन उन्होंने इससे पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

बता दें कि भ्रष्टाचार के आरोप के बाद 77 दिन की जबरन छुट्टी पर भेजे गए वर्मा एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सीबीआई में लौटे थे। लेकिन कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया था कि अंतिम फैसला चयन समिति ही करेगी। समिति ने निदेशक पद से हटाने का फैसला सुना दिया।

समिति में सदस्य के तौर पर प्रधानमंत्री और प्रधान न्यायाधीश के प्रतिनिधि के तौर पर आए जस्टिस एके सीकरी ने एकमत से हटाने का फैसला लिया। जबकि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका विरोध किया। सीबीआई के 55 साल के इतिहास में पहली बार किसी निदेशक की ऐसी बिदाई हुई है।

77 दिन बाद बने, 78 वें दिन हटाया, 79वें दिन इस्तीफा

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने वर्मा को सीबीआई निदेशक पद पर बहाल करते हुए नीतिगत फैसले लेने से रोक दिया था। 77 दिन बाद बुधवार को उन्होंने सीबीआई निदेशक का कार्यभार संभाल लिया था। उन्होंने प्रभारी एम.नागेश्वर राव के फैसले को बदलते हुए विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे अधिकारियों को वापस मुख्यालय बुला लिया था। पद संभालते ही उन्हें हटा दिया गया और इसके अगले दिन यानी 79वें दिन उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।