उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का आज (शनिवार) निधन हो गया। उन्हें 4 जुलाई को संजय गांधी पीजीआई के आईसीयू में गंभीर अवस्था में एडमिट कराया गया था। लंबी बीमारी और कई अंगों के काम नहीं करने के कारण उन्होंने आज अंतिम सांस ली। कल्याण सिंह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि कल्याण सिंह जी के निधन से मैं दुखी हूं। वे राजनेता, जमीनी स्तर के नेता और महान इंसान थे। उत्तर प्रदेश के विकास में उनका अमिट योगदान है। उनके पुत्र राजवीर सिंह से बात हुई और संवेदना व्यक्त की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिग्गज नेता की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह भारतीय राजनीति के एक दिग्गज थे। जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और काम से देश व समाज पर एक छाप छोड़ी हैं। उनके चले जाने से मैंने अपने बड़े भाई और साथी को खो दिया। उनके मौत से पैदा हुए शून्य को भरना लगभग असंभव है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, राष्ट्र, धर्म व जनता को समर्पित ऐसे विराट व आदर्शपूर्ण जीवन को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। उनके निधन से देश व समस्त भाजपा परिवार शोकाकुल है। शाह ने कहा कि जब राम जन्मभूमि का शिलान्यास हुआ, उस दिन मेरी कल्याण सिंह से फोन पर बात हुई थी और उन्होंने कहा था कि मेरा सपना पूरा हो गया।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'कल्याण सिंह दो महीने से अस्वस्थ थे। उन्होंने आज रात सवा नौ बजे आखिरी सांस ली। हम सभी दुखी है।' मैं दिवंगत आत्मा के लिए शांति की कामना करता हूं। प्रदेश में तीन दिन का शोक है। उन्होंने कहा कि सोमवार को नरौरा में गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 23 अगस्त को प्रदेश के अंदर सार्वजनिक अवकाश घोषित रहेगा ताकि हर व्यक्ति उनको श्रद्धाजंलि दे सकें।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से दुखी हूं। उनके परिवार के सदस्यों के प्रति मेरी संवेदना है। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करें। दिवंगत आत्मा को शांति मिले। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कल्याण सिंह जी के निधन से एक युग का अंत हुआ है। लंबे समय से उनका इलाज अस्पताल में चल रहा था। वो हमें छोड़ कर चले गए। उनके निधन पर मैं भाजपा और सरकार की तरफ से गहरा शोक प्रकट करता हूं।

Posted By: Navodit Saktawat

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