Freebies During Elections: चुनावों के दौरान मुफ्त की योजनाओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी में कहा, मुफ्त और कल्याणकारी योजना में अंतर है। वहीं चुनाव आयोग को भी फटकार लगाई। जजों ने कहा कि क्या कोर्ट आयोग का हलफनामा अखबार में पढ़े। अगली सुनवाई 17 अगस्त को है। इससे पहले देश की सर्वोच्च अदालत ने पिछले दिनों इस मामले में चुनाव आयोग के साथ ही केंद्र सरकार का रुख जाना था। वहीं देश में सबसे ज्यादा फ्री की योजनाओं का ऐलान करने वाली आम आदमी पार्टी खुलकर सामने आ गई है। मुफ्त की योजनाओं को लेकर दायर याचिका के खिलाफ आम आदमी पार्टी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। इससे पहले फ्री योजनाओं (Freebies During Elections) को लेकर दायर याचिका पर 3 अगस्त को सुनवाई हुई थी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक कमेटी बनाने की बात कही थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से इस पर रोक लगाने के लिए विचार करने को भी कहा था।

करदाताओं के पैसे को खर्च करने के लिए जनमत संग्रह हो : केजरीवाल

इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी खुलकर सामने आ गए हैं। केजरीवाल ने मुफ्त रेवड़ियां बांटने के मुद्दे पर हमलावर रुख अपनाया है। कहा कि करदाताओं के साथ धोखा तब होता है, जब उनके टैक्स के पैसे का प्रयोग चंद दोस्तों के कर्ज माफ करने में किए जाता है। उन्होंने करदाताओं के पैसे को खर्च करने के लिए पूरे देश में जनमत संग्रह कराने की मांग भी की है।

No power cuts, 300 units of free electricity: Arvind Kejriwal's poll  promise for Uttarakhand | India News – India TV

केजरीवाल ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि जनता को मुफ्त सुविधाएं देने से देश को नुकसान हो रहा है। यह करदाताओं के साथ धोखा है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि करदाताओं के बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छी चिकित्सा व्यवस्था, बिजली-पानी और सड़कें देना धोखा नहीं होता है, लेकिन 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ करना जरूर उनके साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि इन कर्ज माफी, टैक्स छूट के चलते ही दूध-दही के ऊपर भी जीएसटी लगाया जाता है। कहा कि पूरे देश में जनमत संग्रह कराया जाए। जनता से पूछा जाए कि क्या सरकारी पैसा एक परिवार के लिए इस्तेमाल होना चाहिए? क्या यह चंद दोस्तों के लिए इस्तेमाल होना चाहिए? क्या इसका उपयोग आम लोगों के लिए स्कूल, अस्पताल और सड़क बनाने में होना चाहिए? उन्होंने कहा कि यह जो माहौल बनाया जा रहा है कि जनता को मुफ्त सुविधाएं देने से देश को नुकसान होगा, यह ठीक नहीं है। अगर सरकारें यह नहीं करेगी तो फिर सरकार का काम क्या है।

Arvind Kejriwal promises free electricity up to 300 units in Gujarat -  Online News of India

Posted By: Arvind Dubey

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