नई दिल्ली। भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए अब अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले यात्रियों को भी चुनने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन(ISRO) का ये पहला मानव मिशन है। इसके लिए भारतीय वायुसेना द्वारा अंतरिक्ष में जाने वाले 10 क्रू मेंबर्स का चयन किया जाएगा। मीडिया से चर्चा करते हुए ये बात ISRO के चेयरमैन के सिवान ने कही है। सिवान ने कहा कि चयनित 10 लोगों में से ISRO अंतिम तीन अंतरिक्ष यात्रियों का चयन करेगी, जिसे भारतीय वायुसेना द्वारा ट्रेंड किया जाएगा।

ISRO चीफ ने कहा कि 'हमारा भारतीय वायुसेना के साथ इसरो के बेंगलुरु स्थित ह्युमन स्पेस फ्लाइट सेंटर में क्रू के सदस्यों को ट्रेनिंग देना का एग्रीमेंट हुआ है। IAF इस मिशन के लिए 10 क्रू मेंबर्स की स्क्रीनिंग करेगी। स्क्रीनिंग और सिलेक्शन की प्रक्रिया अगले एक से दो महीनों में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद इसरो अंतिम रुप से इस 10 सदस्यों में से 3 सदस्यों को चुनेगा जो इस मिशन का हिस्सा बनेंगे।'

भारत के इस पहले मानव मिशन को लेकर तैयारियां जोरों पर है। ISRO ने हाल ही में नेशनल एडवायजरी काउंसिल(NAC) के साथ पहली मीटिंग की है। इस मीटिंग में गगनयान प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। एजेंसी ने अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में ले जाने वाले GSLV MK-III के CE-20 इंजन का परीक्षण भी किया।

ISRO चेयरमैन ने कहा कि मीटिंग में पूर्व अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा भी शामिल हुए और उन्होंने क्रू ट्रेनिंग के साथ ही पूरे प्लान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 'NAC इस मिशन की तैयारियों को लेकर हर छह महीने में मीटिंग लेकर रिव्यू करेगा। लेकिन हमने तय किया है कि प्रोसेस को स्ट्रीमलाइन करने के लिए शुरुआत में हर तीन महीने में रिव्यू मीटिंग की जाए।'