Coronavirus Good News । देश में कोरोना संक्रमण का सबसे बुरा दौर खत्म हो चुका है और अब लगाकार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भी कम हो रही है। ऐसे में देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थानों ने दावा किया है कि फरवरी 2021 तक देश में कोरोना संक्रमण काबू में हो जाएगा और इस महामारी पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया जाएगा। गौरतलब है कि फिलहाल देश में कोरोना संक्रमण वाले मरीजों की संख्या एक करोड़ 6 लाख के पार पहुंच चुकी है। रोजाना नए कोरोना संक्रमित मामलों में भी कमी आ रही है।

विशेषज्ञ समिति ने जारी किए अध्ययन की नतीजे

आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर एम. विद्यासागर की अध्यक्षता में बनी विशेषज्ञ समिति ने रविवार को अपने शोध की रिपोर्ट जारी की है। प्रोफेसर विद्यासागर और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि फरवरी 21 तक लक्षणों वाले संक्रमितों की संख्या 106 लाख होगी, जो अभी 66 लाख के करीब है।

फरवरी तक महामारी पर काबू होने की भी उम्मीद है। शोध रिपोर्ट के मुताबिक अब तक देश में 30 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है। आईसीएमआर के सीरो सर्वे में यह आंकड़ा सात फीसदी था। लेकिन अब नए शोध के अनुसार अगस्त अंत तक ही 14 फीसदी संक्रमित हो चुके थे।

लॉकडाउन न होता तो 26 लाख मौतें होती

समिति ने अपने शोध में कहा कि यदि लॉकडाउन नहीं किया जाता तो जून में 1.40 करोड़ सक्रिय लक्षणों वाले मामलों के साथ पीक आती। अगस्त तक 26 लाख से ज्यादा मौतें हो सकती थी। अध्ययन के अनुसार प्रवासी श्रमिकों की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के फैलाव की आशंकाएं निर्मूल साबित हुई। उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे लेकर विशेष रूप से अध्ययन किया गया। क्योंकि इन राज्यों में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर लौटे।

त्योहारी मौसम में बढ़ सकता है संक्रमण

शोध के मुताबिक त्योहारों और सर्दियों के मौसम में फिर एक बार कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है। केरल में भी हाल ही में बढ़ते संक्रमण का कारण ओणम पर्व को माना गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला स्तर पर या उससे बड़े लॉकडाउन अब प्रभावी नहीं होंगे। इस शोध में आईआईटी कानुपर, हैदराबाद, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस बंगलुरू, आईएसआई कोलकात्ता, एनआईवी पुणे, पीएसए कार्यालय, आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज, सीएमसी वेल्लोर आदि संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल थे।

वैक्सीन पर ये बोले स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

भारत में कोरोना वायरस से 74 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और 1 लाख 12 हजार से अधिक की जान जा चुकी है। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में अभी किसी इंट्रानेजल वैक्‍सीन का ट्रायल नहीं चल रहा है, हालांकि सीरम इंस्टीट्यूट ने अमेरिकी बायोटेक कंपनी कोडाजेनिक्स के साथ मिलकर SARS-CoV-2 के खात्मे के लिए कोडाजेनिक्स वैक्सीन मैनुफैक्चरिंग शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि CDX-005 वैक्सीन एक इंट्रानेजल वैक्‍सीन होगी, जिसका एनिमल ट्रायल किया जा चुका है।

Posted By: Sandeep Chourey

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