Corona latest News: देश में रविवार को संक्रमण के मामलों में मामूली कमी देखी गई। 24 घंटों में 3.68 लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 3,417 मौतें भी हुईं। 3,68,147 नए मामले आने से संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,99,25,604 हो गई। वहीं 3,400 और लोगों की मौत के साथ अब तक कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 2,18,959 हो गई। देश में फिलहाल 34,13,642 सक्रिय मामले हैं। इस अवधि में 3,00,732 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इस तरह अब तक 1,62,93003 लोग इस बीमारी को मात दे चुके हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश में लगाए गए आंशिक 'कोरोना कर्फ्यू' को 6 मई सुबह 7 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने दी।

वहीं कर्नाटक के चामराजनगर जिला अस्पताल में पिछले 24 घंटों में ऑक्सीजन की कमी और अन्य कारणों से 24 मरीजों की मौत हो गई। इनमें कोरोना के मरीज भी थे। हम डेथ ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यह जानकारी जिला प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार ने दी। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने पूरे मामले की जानकारी ली और आपात कैबिनेट बुलाई है।

दिल्ली में 18+ वालों की टीकाकरण जारी: राजधानी दिल्ली में सोमवार से 18 से 44 आयुवर्ग वालों का टीकाकरण शुरू हो गया। अलग-अलग स्थानों पर लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। इस बीच, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विनोद नगर के एक COVID19 वैक्सीनेशन सेंटर में चल रहे 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन का जायजा लिया। मनीष सिसोदिया ने कहा, आज दिल्ली सरकार के 76 स्कूलों में 301 सेंटर में 18-45 साल के लोगों के वैक्सीनेशन का प्रोग्राम शुरू हुआ है। उनके मुताबिक, हम इसे 300 स्कूलों तक लेकर जाएंगे, हमें जैसे-जैसे और वैक्सीन मिलेगी हम इसे बढ़ाते जाएंगे। हमारे पास 4.5 लाख वैक्सीन आई है, आज हमने वैक्सीनेशन के लिए 45,150 लोगों को अपॉइंटमेंट दिया है।

इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी टीकाकरण का यह चरण जारी है। लखनऊ के अवंती बाई महिला चिकित्सालय में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका ने बताया, लखनऊ में 11 सेंटर पर 18-44 साल के लोगों को वैक्सीनेशन की सुविधा दी जा रही है और हर सेंटर पर 300 लोगों का रजिस्ट्रेशन है।

सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को दिए ये आदेश

देश में बेकाबू होती कोरोना महामारी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हालात का स्वत: संज्ञान लिया और रविवार देर रात भी सुनवाई की। इस दौरान सर्वोच्च अदालत ने सरकारों से कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया जाए। अदालत ने कहा, हम केंद्र और राज्य सरकारों से सामूहिक समारोहों और सुपर स्प्रेडर कार्यक्रमों पर रोक लगाने पर विचार करने का आग्रह करेंगे। कोर्ट ने सरकारों से कहा है कि वे लोक कल्याण के हित में दूसरी लहर के वायरस पर अंकुश लगाने के लिए लॉकडाउन लगाने पर विचार कर सकते हैं। वहीं दिल्ली में ऑक्सीजन आपूर्ति बहाली के लिए सोमवार आधी रात तक का समय दिया गया है।

Posted By: Arvind Dubey