ओमिक्रोन के बढ़ते खतरे के बीच सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब इस संक्रमण के जोखिम वाले देशों से आने वालों के लिए मंगलवार मध्य रात्रि से कड़े नियम लागू होंगे। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अब सघन निगरानी से गुज़रना होगा। नए नियमों के तहत यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य हैं और जांच के नतीजे आने पर ही उन्हें हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति मिलेगी। अन्य देशों से उड़ानों से आने वाले यात्रियों में से पांच प्रतिशत की कोरोना की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने तक उनके रुकने के दौरान भोजन-पानी भी इस राशि में शामिल है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) के प्रवक्ता ने कहा कि सभी एएआइ हवाई अड्डे केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का राज्य प्राधिकारों के साथ समन्वय कर लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्री आरटी-पीसीआर जांच के नतीजे आने तक हवाई अड्डे पर ही इंतजार करने के लिए तैयार रहें। वहां से अन्य स्थान के लिए पहले से संपर्क उड़ान बुक नहीं करें। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को राज्यों को ढिलाई नहीं करने और विभिन्न हवाई अड्डों, बंदरगाहों तथा भू-सीमा से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी निगरानी करने की सलाह दी।

दिल्‍ली के लिए यह रहेगी व्‍यवस्‍था

राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों ने नए नियमों को लागू करने के लिए कमर कस ली है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ने एक बार में 1,500 तक यात्रियों को रखने की व्यवस्था की है। इनमें जोखिम वाले देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री भी होंगे, जो जांच रिपोर्ट आने तक रोके जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक यात्री को आरटी-पीसीआर जांच करानी होगी, जिसके लिए करीब 1,700 रुपये लिए जाएंगे।

Posted By: Navodit Saktawat