जम्मू। साफगोई से अपनी बात कहने वाले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि देश में राज्यपाल की स्थिति कमजोर है। वह प्रेस कांफ्रेंस नहीं कर सकते हैं और अपने दिल की बात नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि वह कोई बयान देने के बाद तीन दिन तक चिंतित रहते हैं कि दिल्ली में कोई नाराज ना हो जाए। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर ने कहा, बयान के बाद तीन दिन चिंतित रहता हूं कि दिल्ली में कोई नाराज ना हो जाए। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णोदेवी यूनिवर्सिटी के सातवें दीक्षांत समोराह में मलिक ने यह बातें कहीं। उन्होंने दोहराया कि देश के अमीरों का एक तबका सड़े हुए आलुओं की तरह है, क्योंकि वे शिक्षा प्रणाली को सुधारने व उसे आगे ले जाने के लिए कोई दान नहीं करते।

आतंकवाद की भेंट नहीं चढ़े कश्मीरी नेताओं के बच्चे

राज्यपाल मलिक ने कहा कि हुर्रियत, कश्मीरी नेता, मौलाना, इस्लामी प्रचारक आदि ने साधारण कश्मीरियों के बच्चों को उकसा कर उन्हें मौत के मुंह में झोंक दिया, लेकिन उनमें से किसी ने भी अपनों को आतंकवाद में नहीं खोया। उनके अपने बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं और अच्छे से सेटल हैं। लेकिन वे कश्मीरी बच्चों को मारे जाने पर जन्नत में जाने का रास्ता बता रहे हैं। राज्य के ताकतवर व समृद्ध लोगों ने कश्मीरी युवाओं के सपनों को बर्बाद कर दिया। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील की कि वे सचाई को समझें और जम्मू-कश्मीर में शांति व प्रगति लाने के केंद्र सरकार के प्रयासों में सहभागी बनें।

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Posted By: Navodit Saktawat