Gujarat Assembly Election 2022: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ( एआईएमआईएम ) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस बात से इनकार किया है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की भूमिका कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने की होगी। एआईएमआईएम के भुज व मांडवी से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार शकील अहमद शमा व मौहम्मद इकबाल मांजलिया के प्रचार के लिए आए ओवैसी ने कहा कि गुजरात में भाजपा 27 साल से सत्ता में है। इसके बावजूद गुजरात चुनाव में मुस्लिम विरोधी माहौल बनाकर ध्रूवीकरण करने का प्रयास कर रही है। समान नागरिक संहिता, महरौली हत्याकांड जैसे मुद्दों को राज्य के चुनाव में उठाया जा रहा है। कच्छ की दो सीट भुज व मांडवी में एआईएमआईएम ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं।

औवेसी ने अपनी पार्टी को वोट कटवा बताने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी की भूमिका कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने की नहीं है। कांग्रेस व उसके नेता हमारी पार्टी पर ऐसा आरोप लगाते हैं तो वे अपनी कमियों को छिपाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। ओवैसी ने सवाल उठाया कि बीते 27 साल से कांग्रेस लगातार भाजपा से हारती आ रही है। कांग्रेस को किसी ने भी भाजपा को हराने से नहीं रोका फिर इस चुनाव में ऐसी बात कैसे हो सकती है।

ओवैसी बोले, कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (आप) और एआईएमआईएम दोनों पर भाजपा की "बी-टीम" होने का आरोप लगाया है, कांग्रेस को पहले इस सवाल का जवाब देना चाहिए। ओवैसी ने गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में से केवल 13 सीटों पर चुनाव लड़ने पर कहा कि मैं यह स्पष्ट कर दूं कि हम यहां किसी के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए नहीं हैं। हम यहां भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए हैं।

अमित शाह के बयान की ओवैसी ने की आलोचना

ओवैसी ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इस बात के लिए आलोचना की कि भाजपा ने 2002 में गुजरात में दंगाइयों को सबक सिखाया। ओवैसी ने कहा कि वह सत्ता के नशे में हैं। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने अमित शाह पर पलटवार करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि "सत्ता के नशे में चूर, भारत के गृह मंत्री ने कहा कि हमने 2002 में सबक सिखाया।" उन्होंने शाह को याद दिलाया कि सत्ता स्थायी नहीं होती है। ओवैसी आगे लिखते हैं कि "सत्ता में आने के बाद कुछ लोग भूल जाते हैं कि सत्ता हमेशा किसी के पास नहीं रहती है। उन्होंने 2002 में जो पाठ पढ़ाया उसका सबक क्या नरोडा पाटिया को माना जाए, गुलबर्ग हत्यांकांड या बिल्किस बानु सामूहिक दुष्कर्म को। औवेसी ने भाजपा नेता के बयान कि 2002 में गुजरात के दंगाइयों को सबक सिखाया और राज्य में स्थायी शांति स्थापित की की आलोचना की।

Posted By: Navodit Saktawat

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