शत्रुघ्न शर्मा,अहमदाबाद। विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया व अर्बुदा सेना के साथ मिलकर गुजरात की राजनीति में खेला करने की तैयारी में हैं। वित्तीय अनियमितता के आरोपी पूर्व मंत्री विपुल चौधरी को एनडीडीबी का अध्यक्ष बनाने की सिफारिश करने के चलते दोनों नेताओं समन किया गया है। बयान दर्ज कराने के बाद वे हूंकार महासभा कर जनता के समक्ष भी अपनी बात रखेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री वाघेला एवं अर्जुन मोढवाडिया गुरुवार को मेहसाणा की अदालत में गवाही देने के बाद दूध सागर डेयरी रोड पर अर्बुदा भवन परिसर में साक्षी हूंकार महासभा को संबोधित कर जनता की अदालत में अपनी बात रखेंगे। विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े गुजरात में वाघेला एक बार फिर खेला करने की तैयारी में हैं, कांग्रेस में बिना शर्त शामिल होने का ऐलान कर चुके वाघेला ने गत दिनों प्रजाशक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी का गठन किया था।

गुजरात कांग्रेस के नेता वाघेला को कांग्रेस में लाने का बहुत पहले प्रयास कर चुके हैं लेकिन केंद्रीय आलाकमान टस से मस नहीं हो रहा है। दरअसल पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी गत विधानसभा चुनाव से पहले वाघेला की दबाव की राजनीति से काफी नाराज हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं गुजरात चुनाव के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत भी वाघेला की कांग्रेस में वापसी को तैयार नहीं थे।

लेकिन राजस्थान में बदले हालात व कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में पार्टी के ही जी-23 धडे के साथ आ जाने के बाद वाघेला के पार्टी में शामिल होने की संभावनाएं जगी हैं। मोढवाडिया का कहना है कि चौधरी भाजपा के ही पूर्व मंत्री हैं तथा उनकी अर्बुदा सेना की बढती ताकत से चिंतित भाजपा सरकार उनके राजनीतिक कैरियर को खत्म करने के लिए उन पर शिकंजा कस रही है।

गवाही देंगे वाघेला व मोढवाडिया

उत्तर गुजरात की बनास डेयरी में 500 करोड रु की वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में कानूनी शिकंजे में फंसे भाजपा के पूर्व मंत्री विपुल चौधरी के करीबी पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया को मेहसाणा कोर्ट ने समन जारी कर 6 अक्टूबर को बयान दर्ज कराने को बुलाया है। वाघेला व मोढवाडिया ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड एनडीडीबी के चैयरमेन पद के लिए चौधरी की सिफारिश की थी। भ्रष्टाचार निरोधक दल एवं अपराध शाखा ने चौधरी को गत माह दूध सागर डेयरी में 500 करोड रु की वित्तीय अनियमितता मामले में गिरफ्तार कियाथा, सरकारी वकील की मांग पर वाघेला व मोढवाडिया को 6 अक्टूबर को मेहसाणा कोर्ट में उपस्थित रहने को समन जारी किया गया है।

चौधरी कभी थे, वाघेला के सेनापति

गुजरात में केशुभाई पटेल एवं शंकरसिंह वाघेला की सरकार में मंत्री रह चुके चौधरी वर्ष 1996 में भाजपा से बगावत कर नई सरकार बनाने वाले वाघेला के सेनापति रहे हैं। करीब 25 साल के आपसी मतभेद भुलाकर एक बार फिर ये दोनों नेता एक दूसरे के साथ आ गये हैं। चौधरी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

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