Gujarat Election 2022: गुजरात विधानसभा के लिए कच्छ – सौराष्ट्र एवं दक्षिण गुजरात में प्रथम चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार शाम को 5 बजे थम गया और प्रत्याशी व उनके समर्थक अब घर घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। प्रथम चरण में राज्य की 89 सीट के लिए 1 दिसंबर को सुबह 8 बजे से शाम को 5 बजे तक मतदान होगा, इसमें 39 राजनीतिक दल व निर्दलीय समेत 788 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 70 महिला प्रत्याशी शामिल हैं।मुख्य चुनाव अधिकारी पी भारती के अनुसार प्रथम चरण में करीब 2 करोड 40 लाख मतदाता 89 सीटों पर 788 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

इस चुनाव में 18 से 19 वर्ष की उम्र के 5 लाख 75560 मतदाता पहली बोर वोट डालेंगे। जबकि 99 वर्ष से अधिक उम्र के 4945 मतदाता हैं। 163 प्रवासी भारतीय भी मतदान का उपयोग करेंगे। इस चुनाव में 1 करोड 24 लाख 33362 पुरुष तथा 1 करोड 15 लाख 42811 महिला मतदाता व 497 ट्रांसजेंडर 19 जिले के 25430 मतदान केंद्रों पर अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे।

राज्य में पहली बार 611 सखी मतदान केंद्र बनाए गये हैं जिनका संपूर्ण संचालन महिला कर्मचारियों के हाथ में होगा इसके अलावा 89 मॉडल मतदान केंद्र तथा 89 दिव्यांग संचालित मतदान केंद्र होंगे। मतदान प्रक्रिया से कुल 1 लाख 6963 अधिकारी व कर्मचारी जुड़े हैं, इनमें 27978 पीठासीन अधिकारी तथा 78985 पोलिंग स्टाफ होगा।

एक मतदाता के लिए मतदान केंद्र

गीर सोमनाथ जिले के सासण गीर में बाणेज गांव में एक मात्र मतदाता हैं महंत किरीट बापू। पोलिंग स्टाफ 30 नवंबर शाम को आश्रम पर आकर ठहर जाएगा, तथा सुबह नास्ता – पानी करके मतदान केंद्र की तैयारी में जुट जाएगा। 2002 में भरत दास महाराज ने मतदाता सूची में अपना नाम पंजीक्रत कराया था, 2007 में उनके लिए सासण से 40किमी दूर बाणेज गांव में मतदान केंद्र बनाया गया। भरत दास 2019 में निधन हो गया अब महंत किरीट बापू इस केंद्र पर मतदान करेंगे।

गुप्‍त नहीं रहता मतदान

भारत में गुप्‍त मतदान की व्यवस्था है लेकिन बाणेज मतदान केंद्र के किरीट बापू की व्यथा यह है कि उनका मत दान गुपत नहीं रह पाता है। एक मात्र मतदाता होने के कारण ईवीएम खुलते ही उनका वोट सार्वजनिक हो जाता है, यह पता चल जाता है कि उनका वोट किस उम्मीदवार के पक्ष में गया।

पिकनिक हो जाती है पोलिंग टीम की

सासण गीर जंगल के बाणेज मतदान केंद्र पर एक मात्र मतदाता होने से पोलिंग टीम व मतदाता दोनों ही पिकनिक के मूड में होते हैं। शाम को टीम बापू के आश्रम में पहुंच जाती है वहीं सुबह जलपान कर मतदान केंद्र को तैयार किया जाता है, दोपहर में बापू मतदान करने जाते हैं जिसके बाद पोलिंग टीम का आश्रम पर ही खाना पीना होता है। हाल ही हिमाचल प्रदेश में दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र टसीगंग में गांव वालों ने पोलिंग टीम के लिए खान – पान की व्यवस्था की थी लेकिन गुजरात में हर चुनाव में बापू के आश्रम में यह व्यवस्था होती है।

Posted By: Navodit Saktawat

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