ज्ञानवापी केस: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद केस में सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सिविल कोर्ट से मामले को जिला कोर्ट में ट्रांसफर किया है। कुल मिलाकर चार याचिकाएं हैं जिन पर जिला जज सुनवाई करेंगे। इस बीच, काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी ने कहा है कि वे कोर्ट में याचिका दायर कर बाबा की पूजा की अनुमति मांगेगे। साथ ही उन्होंने मांग की कि ज्ञानवापी में नंदी के सामने वाला दरवाजा खोला जाए। बता दें, सिविल जज के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे किया था, जिसमें शिवलिंग समेत मंदिर होने के कई प्रमाण मिले हैं। इससे बाद से मुस्लिम पक्ष ने याचिकाएं लगाई है, जिन पर सुनवाई होगी।

ज्ञानवापी मंदिर के पक्ष में बयान देने पर सपा ने महिला नेता को निकाला

वहीं अलीगढ़ से खबर है कि ज्ञानवापी मंदिर के पक्ष में बयान देने पर समाजवादी पार्टी ने महिला सभा की अलीगढ़ महानगर अध्यक्ष रुबीना खानम को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया है। रुबीना ने कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद अगर मंदिर तोड़कर बनाई गई है तो इसे हिदुओं को दे देना चाहिए।

रुबीना ने दो दिन पहले मीडिया से कहा था कि अगर हमारे किसी शासक ने बलपूर्वक मंदिर पर कब्जा कर मस्जिद बनाई थी तो हमें इसे छोड़ देना चाहिए। दूसरे धर्म की आस्था को कुचलकर मस्जिद बनाना इस्लाम के सिद्धांतों का उल्लंघन है। हमारे मुस्लिम धर्म गुरुओं को यह सोचना चाहिए। रुबीना का यह बयान इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। शनिवार को सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने पत्र जारी कर रुबीना खानम को अनुशासहीनता में पार्टी से निष्कासित कर दिया। इधर, रुबीना खानम ने कहा है कि हमने राष्ट्रहित की बात की, सत्य की बात की। सभी धर्मों का सम्मान और हिदू धर्म की आस्था का सम्मान करते हुए बहुसंख्यकों की भी बात की, सपा के लिए ये अनुशासनहीनता हो गई। यही है सपा का असली चाल चरित्र और चेहरा। कहा कि पार्टी अपने घर की बहू अपर्णा यादव को सम्मान न दे सकी। इससे ये स्पष्ट होता है कि सपा महिला विरोधी मानसिकता से पीड़ित है। मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा करती हूं।

Posted By: Arvind Dubey

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