Gyanvapi mosque case Live Updates: वाराणसी ज्ञानवापी केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। करीब 46 मिनट की बहस के बाद जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने आदेश दिया कि यह मामला अब सिविल जज रवि दिवाकर के स्थान पर जिला जज इस केस की सुनवाई करेंगे। जिला जज को सुनवाई के 8 हफ्तों का समय दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की इस मांग को खारिज कर दिया कि वजु के लिए उस स्थान को बहाल किया जाए जहां शिवलिंग मिला है। जजों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन वजु की व्यवस्था करेगा। अब जुलाई के दूसरे हफ्ते में सुप्रीम कोर्ट सुनवााई करेगा। तब तक यह अंतरिम आदेश जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने जो भी टिप्पणियां की हैं, उनका जिला जज की सुनवाई के दौरान कोई असर नहीं पड़ेगा।

Gyanvapi mosque case Live Updates: पढ़िए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की बड़ी बातें

- सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग वाला स्थान सील ही रहेगा। यहां कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

- जिला जज सुनवाई करेंगे। यदि कोई पक्ष संतुष्ट नहीं होता है तो वह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।

- सुप्रीम कोर्ट की यहां की गई टिप्पणियों की जिला अदालत की सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

- वजुखाना सील रहेगा। नमाज जारी रहेगी।

- प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का अब तक कोई उल्लंंघन नहीं हुआ है।

Gyanvapi mosque case Live Updates: ऐसे चली सुनवाई

सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कई अहम टिप्पणियां की। उन्होंने मुस्लिम पक्ष की इस बात को खारिज किया कि कमिशन का गठन और सर्वे किया जाना प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का उल्लंघन है। जजों ने कहा कि तथ्य जुटाना सेक्शन 3 का उल्लंघन नहीं है। सुनवाई के शुरू में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने दोनों पक्षों के बीच 2 सुझाव रखे हैं। ये हैं - 1. ट्रायल कोर्ट याचिका का निपटारा करे, 2. ट्रायल कोर्ट अंतरिम आदेश पारित करे। साथ ही कहा कि सिविल जज के स्थान पर जिला जज सुनवाई करे। सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम दोनों पक्षों का ख्याल रखेंगे। मुस्लिम पक्ष की ओर से कहा गया कि 500 साल की पुरानी स्थिति बदलने की कोशिश की जा रही है। काशी में सुनवाई से फायदा नहीं है। मुस्लिम पक्ष ने यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है। कहा है कि सर्वे के लिए कमिशन बनाना गलत है। रिपोर्ट को लीक किया जा रहा है। लोकल कोर्ट आर्डर का गलत इस्तेमाल कर रहा है। आज ज्ञानवापी है, कल से दूसरी मस्जिदों को मंदिर बताया जाएगा।

रविा दिवाक िजलाजज

इस पर सु्प्रीम कोर्ट ने कहा कि हम ट्रायल कोर्ट को कोई आदेश नहीं दे सकते हैं। हम ट्रायल कोर्ट के काम में कोई दखल नहीं दे सकते हैं। हम कोई आदेश नहीं थोपना चाहते हैं। हम संतुलन बनाए रखना चाहते हैं। कमिशन की रिपोर्ट हम नहीं देखेंगे। यह काम तो ट्रायल कोर्ट को करना है। जिला जज अपने अनुभव से मामले देखें। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हम ट्रायल कोर्ट को सीमा से बाहर नहीं जाने दे सकते हैं। हम ग्राउंड पर संतुलन और शांति चाहते हैं।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष के अनुरोध पर ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी थी लेकिन कोर्ट ने वाराणसी की अदालत से कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होती है तब तक वह मामले की सुनवाई न करे। ज्ञानवापी मस्जिद कमेटी, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मस्जिद का सर्वे कराने के आदेश का विरोध किया था।

पूरे मामले में यूपी सरकार की पहली दलील

यूपी सरकार की ओर से तुषार मेहता ने पक्ष रखा। दरअसल, मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि आज नमाज हुई, लेकिन वजु नहीं हो सकी, क्योंकि जहां वजु होती है, वह स्थान पानी से खाली करवा लिया गया है। इस पर तुषार मेहता ने कहा कि मुस्लिम पक्ष गलत बयानी कर रहा है। क्योंकि सरकार ने वजु की अलग व्यवस्था की है।

सुनवाई के दौरान अयोध्या केस का जिक्र

सुनवाई के दौरान प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का मु्ददा भी उठा। जजों ने कहा कि हम उस कानून को देखेंगे। इसी दौरान जज ने एक बड़ी टिप्पणी यह भी की है कि हमने बाबरी मस्जिद के दौरान भी प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 पर कुछ लिखा है।

जुमे की नमाज में भारी संख्या में नमाजी पहुंचे

ज्ञानवापी मस्दिज में जुमे की नमाज हुई, जिसमें भारी संख्या में नमाजी पहुंचे। मस्जिद कमेटी ने अपील की थी कि कम से कम लोग नमाज के लिए पहुंचे। इस अपील का असर नहीं हुआ। मुफ्ती ने बताया कि मस्जिद पूरी भर चुकी थी। लोगों से कहा गया था कि वे यहां न आए और आसपास की मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ें। इस बीच, पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में थोड़ी देर में सुनवाई होगी।

इधर इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई टल गई है। अब इस मसले पर 6 जुलाई को सुनवाई होगी। 16 मई को पिछली सुनवाई हुई थी। जिसमें हिंदू पक्ष की बहस पूरी नहीं हो पाई थी। इसके पूरे होने के बाद मुस्लिम पक्षकार अपनी दलीलें पेश करेंगे। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सून्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने अपना पक्ष रखा।

पिछली सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका पर हिन्दू पक्ष व उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए वाराणसी के जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि उस जगह की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए जहां शिवलिग मिलने का दावा किया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि इससे मुसलमानों के मस्जिद में नमाज पढ़ने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।

मामले में गुरुवार को सुनवाई होनी थी लेकिन हिंदू पक्ष की ओर से पेश वकील विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट से मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टालने का अनुरोध किया। विष्णु जैन ने कहा कि इस मामले में निचली अदालत में मूल वाद कर्ताओं के वकील हरिशंकर जैन का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उन्हें गुरुवार को ही अस्पताल से छुट्टी मिली है। वे गुरुवार को कोर्ट आने में असमर्थ हैं इसलिए मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी जाए।

मस्जिद कमेटी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने कहा कि सुनवाई में देर नहीं हो सकती क्योंकि मामले में नई प्रगति हो रही है। अहमदी ने कहा कि अगर वकील की सेहत ठीक न होने पर सुनवाई एक दिन के लिए टाली जाती है तो तब तक निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी जाए क्योंकि उन्हें आशंका है कि निचली अदालत में सुनवाई जारी रहने से वहां की स्थिति बदल सकती है। उधर निचली अदालत में गुरुवार को भी मामला सुनवाई पर लगा है और वहां अदालत से वजूखाने की दीवार तोड़ने और अन्य मांगें की गई हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक निचली अदालत को मामला सुनने से रोक दिया जाए।

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नमः पार्वती पतए हर हर महादेव #gyanvapimahadev #gyanvapisurvey #gyanvapi #gyanvapireport #gyanwapimandir

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- जय श्री राम एकता मंच (@jaishreeramektamanch) 19 May 2022

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Waiting for Mandir instead of #gyanvapimasjid .... #gyanvapimahadev

- Rakesh Kumar (@Pacheriya) 19 May 2022

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#FountainGangExposed #ShivlingSaboot The Anjuman Intezamiya Masjid Committee failed to explain us as how #Nandi landed in #GyanvapiMosque when Jamaat was regularly offering their namaaz. Also, the Anjuman refrained from showing us the Islamic scriptures in which Nandi is reverend as sacred animal of Muslims. #Shivling , a #Fountain is a bizzare & weired claim made by the Sharia-Barrister @asadowaisi . @BJP4India @myogiadityanath @swamy39 @RSSOrg @vhpdigital @mali2 @Prof_Hari_Om @ratansharda

- C.L.Shah (@arianindian) 19 May 2022

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#gyanvapimahadev

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- SHILPI MISHRA (@mishrajiii) 19 May 2022

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#gyanvapimahadev The Muslim side is not giving any clear answers, and I’m afraid we will again fall in their trap of Ganga Jamuna Tehzeeb !!!

- Sumati (@SumatiFAHV) 19 May 2022

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#gyanvapimahadev

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- Jessani Ghansham M. (@scorpionshot) 19 May 2022

Posted By: Arvind Dubey

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